दुधवा नेशनल पार्क का मुख्य द्वार। स्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क के द्वार 15 जून से सैलानियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। यह जानकारी दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने दी है। हालांक, पिछले साल पर्यटन सत्र को बढ़ाकर 25 जून तक किया गया था।
दुधवा के द्वार बंद होने में अब मात्र चार दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद दुधवा के द्वार नवंबर में ही खोले जाएंगे। दुधवा नेशनल पार्क का किशनपुर अभयारण्य बाघों की साइटिंग के मामले में पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां लगातार बाघों का दीदार सैलानियों को होता है।
जंगल में कुलाचे भरते हिरन और झादीताल में कलरव करते रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों को देख सैलानी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। दुधवा की रानी कही जाने वाली बेलडंडा की बाघिन को देख सैलानियों की बांछें खिल जाती हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉक्टर एच राजामोहन ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमुरी के निर्देश पर वर्षाकाल की अग्रिम संभावनाओं के दृष्टिगति इस वर्ष दुधवा का पर्यटन सत्र 15 जून से बंद कर दिया जाएगा।