पलियाकलां। शासन ने दुधवा तक पहुंचने के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू कराने के लिए पहल की है। इससे पलिया हवाई पट्टी एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। बीते मार्च माह में शासन ने प्रदेश की 17 हवाई पट्टियों के पुनरुद्धार का एलान किया गया था। जिसके बाद पलिया की मुंजहा स्थित हवाई पट्टी पर सर्वे करने एक टीम भी पहुंची थी लेकिन सर्वे के बाद कुछ नहीं हुआ।
पलिया के मुंजहा गांव में नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा करीब सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से हवाई पट्टी का निर्माण कराया गया था। जिसका उद्घाटन 23 अगस्त 1996 को तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी ने किया था। जिसके बाद यहां कुछ दिनों तक कर्मचारियों की तैनाती हुई लेकिन यहां आम लोगों के लिए उड़ानें नहीं शुरू हो सकीं। यह हवाई पट्टी केवल राजनीतिक गतिविधियों व वीआईपी के आने पर ही गुलजार रही। अभी तक वीआईपी व नेताओं के आने पर ही इसको खोला जाता है।
मौजूदा समय में यहां कमरे, भवन आदि बनकर लगभग पूरी तरह से तैयार है। अगर रनवे की बात करें तो 1753 मीटर का रनवे है। जिसकी चौड़ाई 40 फुट है। सन् 2018 में यहां तीन पायलटों की टीम नौ सीटर विमान के साथ आई थी। टीम ने जायजा लिया था। बताया था कि नौ सीटर विमान ही यहां उड़ान भर सकते हैं। बड़े विमान के लिए रनवे को बढ़ाने की बात भी कही थी।
मार्च माह में शासन की तरफ से इसको संचालित करने का फरमान जारी हुआ लेकिन सर्वे के बाद फिर से यह हवाई पट्टी ठंडे बस्ते में चली गई और यहां पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ और न ही कोई दोबारा से यहां सर्वे आदि का कार्य करने पहुंचा।
कवायद तो हुई लेकिन सर्वे के बाद काम कुछ नहीं हुआ
26 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री के सचिव सुरेंद्र सिंह यहां चार्टेड प्लेन से पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि एडवेंचर टूरिज्म और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सभी पार्क और सेंक्चुरी के समीप हवाई अड्डों व हवाई पट्टियों के इस्तेमाल किए जाने के बारे में विचार किया जा रहा है। बताया था कि पलिया की मुंजहा हवाई पट्टी अच्छी है और कॉमर्शियल ऑपरेशन के लिए अगर यहां चार्टेड प्लेन आता है तो उसके लिए भी यह फिट है। इसके दो साल बाद सर्वे करने टीम आती है और वह केवल सर्वे करके यहां से चली जाती है, उसके बाद से हवाई पट्टी वीरान पड़ी हुई है।
अभी लखनऊ तक सीमित है हवाई यात्रा
मौजूदा समय में दुधवा नेशनल पार्क भ्रमण करने आने वाले विदेशी व विमान से आने वाले सैलानियों के लिए दुधवा पहुंचने का एक ही रास्ता है कि वह पहले लखनऊ विमान से आएं। उसके बाद वह बस या फिर लोकल गाड़ी करके सीतापुर, लखीमपुर, भीरा, पलिया होकर दुधवा जा सकते हैं। पलिया की मुंजहा स्थित हवाई पट्टी का संचालन न होने के कारण यहां से हवाई यातायात पूरी तरह से बंद है।