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हिंसक वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट

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लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्र में हिंसक वन्यजीवों बाघ, तेंदुआ आदि से सुरक्षा एवं मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी हैै। इस बार दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को अपनाने के साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने पर वन विभाग का जोर है। गन्ना सीजन में कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे किसानों को गन्ना काटने के दौरान सतर्क रहने के साथ ही तेज आवाज करने की सलाह दी गई है।
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प्रभागीय वनाधिकारी उत्तर खीरी/उप निदेशक बफर जोन डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि वन्यजीव और मानव के बीच संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समस्या ग्रस्त क्षेत्र में डब्लूडब्लूडब्लूएफ/इंडिया और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहयोग से कैमरा ट्रैप लगवाए गए हैं। हिंसक वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों के साथ बैठक एवं गोष्ठी कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को अपने खेत में अकेले न जाने का सुझाव दिया जा रहा है। क्षेत्र के आसपास जंगल के अंदर जाने वाले सभी रास्तों को खाई खोदवाकर बंद कराया गया है। वर्तमान में गन्ना कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसलिए किसानों को खेत में तेज आवाज करते हुए गन्ना काटने और गन्ना कटाई एक किनारे से प्रारंभ करके जंगल की तरफ आगे जाने की सलाह दी जा रही हैै। ताकि हिंसक वन्यजीवों जंगल के अंदर चला जाए।
धौरहरा रेंज कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग से सटे होने के कारण वन कर्मियों के साथ ग्रामीणों का समन्वय स्थापित कर संयुक्त पेट्रोलिंग कराई जा रही है। समस्या ग्रस्त क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं वन्यजीवों की सतत मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के लिए टीमें बनाई गई हैं। ड्रोन कैमरे के माध्यम से धौरहरा क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है। खैरटिया रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर बाघ के मूवमेंट होने के कारण काशन बोर्ड लगवाए गए हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर नियंत्रण एवं बाघ के आवागमन के चलते इसकी मानिटरिंग करने के लिए समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि थाना घाट वन्यजीव प्रभाग से पालतू हाथी मंगवाकर क्षेत्र में पेट्रोलिंग कराई जा रही है, ताकि बाघ इन वन क्षेत्र के भीतर ही रहे और अपना प्राकृतिक शिकार करें। संवाद
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