बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना संक्रमण से बाघ और तेंदुओं को बचाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की गाइड लाइन के अनुसार की जा रही निगरानी में लगाए गए कैमरों की अब तक दो बार वीडियो फुटेज देखी जा चुकी है। दोनों ही बार दुधवा के सभी बाघ / तेंदुओं में किसी प्रकार के अस्वाभाविक लक्षण नहीं दिखाई पड़े हैं। इससे दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने सभी बाघों और तेंदुओं के पूरी तरह स्वस्थ होने का दावा किया है।
पिछले महीने अमेरिका के ब्रांक्स जू में बाघिन के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद एनटीसीए ने देश भर के चिड़ियाघरों और टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया था। साथ ही एक गाइड लाइन जारी करते हुए बाघों और तेंदुओं की गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण करने के निर्देश दिया था। जिसके तहत दुधवा टाइगर रिजर्व के बाघ बाहुल्य क्षेत्रों में वीडियो मोड पर करीब 100 कैमरे लगाए गए थे। पहले चरण में करीब 15 दिन पहले पशु चिकित्सकों, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के विशेषज्ञ जीव वैज्ञानिकों और अफसरों ने सभी वीडियो फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया था। वीडियो कैमरे से अपलोड किए गए डाटा में बाघों और तेंदुओं में आमतौर से कोरोना संक्रमण के संभावित लक्षण नहीं पाए गए थे। इसी कड़ी के दूसरे चरण में पिछले तीन दिनों से वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है इसमें भी किसी प्रकार के कोई संभावित लक्षण नहीं मिले हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दुधवा के बाघों और तेंदुओं के अलावा अन्य वन्यजीवों को कोई खतरा नहीं है। साथ ही दुधवा के वन्यजीवों को इंसानों से दूर रखने के लिए जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर लॉकडाउन में ढिलाई के बावजूद कड़ाई से प्रतिबंध लगाया गया है।
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बाघों और तेंदुओं की गतिविधियों की निगरानी के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व में लगाए गए कैमरों के दो बार वीडियो फुटेज देखे जा चुके हैं। जिनके आधार पर कहा जा सकता है कि यहां के बाघ और तेंदुए पूरी तरह स्वस्थ हैं। बावजूद इसके एहतियातन सावधानी बरती जा रही है।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व