लखीमपुर खीरी। पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में शहर के ऐतिहासिक दशहरा मेला का शुभारंभ कर दिया गया। गया प्रसाद ट्रस्ट और नगर पालिका के बीच चला आ रहा विवाद मंगलवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने खत्म करा दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि जनपद खीरी के मुख्यालय पर होने वाला दशहरा मेला यहां का ऐतिहासिक मेला है, जो पिछले कई दशकों से हो रहा है, जहां हर जाति धर्म के लोग मेले का आनन्द लेते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और अखंडता का प्रतीक है यह दशहरा मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए समाज में एक अच्छा संदेश जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के उत्थान में सहायक होते हैं। समाज में एकता, समरसता और बंधुत्व को बढ़ावा देते हैं।
नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि दुकानें लग गईं हैं। 15 दिन तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सभी लोग परिवार और बच्चों के साथ आकर मेले का आनंद उठाएं। इस मेले से बहुत सारे लोगों को रोजगार मिलता है। कार्यक्रम का संचालन राम मोहन गुप्ता ने किया।
इस मौके पर एसडीएम सदर अश्वनी कुमार सिंह, तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह, सीओ रमेश कुमार तिवारी, ईओ संजय कुमार, मेला अधिकारी अमरदीप मौर्य, मुरारी लाल, मनोज राज, सभासद श्वेता शर्मा, पिंकी देवी, कौशल तिवारी, कुमुदेश शंकर शुक्ला समेत नगर पालिका के कर्मचारी तथा पुलिस प्रशासन के लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम बना चर्चा का विषय
हर वर्ष मेले का उद्घाटन कार्यक्रम शाम सात बजे के बाद होता था। यह प्रथा वर्षों से चली आ रही है। इस बार मंगलवार दोपहर दो बजे अचानक मेले का उद्घाटन कार्यक्रम चर्चा का विषय बन गया। यही नहीं पहला कार्यक्रम रामायण संगोष्ठी भी दोपहर में ही शुरू करवा दी गई। यह देखकर लोग भौचक्क रह गए। यहां बता दें कि मेले में अब तक दुकानें भी नहीं लग सकी हैं। उधर, झूला विवाद भी सामने आ गया है। इस बार करीब 25 वर्ष पुराने झूले वाले को जगह न देकर किसी नए व्यक्ति को जगह दे दी गई। अब दोनों की गाड़ियां खड़ीं हैं। विवाद की स्थिति पैदा है।
रामायण संगोष्ठी का हुआ आयोजन
पहले दिन रामायण संगोष्ठी हुई। इसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रामायण संगोष्ठी में पंडित नवल किशोर, पं. उमेश महाराज, पं. प्रदीप शुक्ला, पं. शिवकुमार, पं. कुलदीप तिवारी मौजूद रहे। तबला वादक हिमांशु, ज्वाय व आशीष ने संगीत दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूची
15 अक्टूबर रामायण संगोष्ठी (स्थानीय)
16 अक्टूबर रामायण संगोष्ठी (आमंत्रित)
17 अक्टूबर देवी जागरण
18 अक्टूबर संस्कृत कवि सम्मेलन
19 अक्टूबर स्कूली बच्चों का कार्यक्रम
20 अक्टूबर जवाबी कव्वाली
21 अक्टूबर पंजाबी संगीत सम्मेलन
22 अक्टूबर स्थानीय संगीत सम्मेलन
23 अक्टूबर प्रादेशिक कवि सम्मेलन
24 अक्टूबर अवध संध्या
25 अक्टूबर भोजपुरी संगीत सम्मेलन
26 अक्टूबर आल इंडिया मुशायरा
27 अक्टूबर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
28 अक्टूबर आमंत्रित कलाकारों द्वारा संगीत सम्मेलन
29 अक्टूबर आतिशबाजी व समापन