लखीमपुर खीरी। शहर के करीब 30 हजार घरों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पिछले दस दिनों से बंद चल रही है। कूड़ा कलेक्शन में लगे कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिलने के कारण यह संकट गहराया है। सामने आया है कि कूड़ा कलेक्शन का चार्ज वसूल नहीं हो पा रहा है। इस वजह से कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया गया है। इसलिए फर्म के ठेकेदार ने कूड़ा कलेक्शन के कार्य पर रोक लगा दी है। नगर पालिका के अधिकारी जल्द रास्ता निकालने की बात कह रहे हैं।
नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कराई थी। शुरुआत में कुछ दिनों तक काम ठीक से चलता रहा। लोगों ने पहल को सराहा लेकिन अब यह योजना ठंडी पड़ गई है। करीब दस दिनों से कूड़ा कलेक्शन का काम नहीं हो रहा है। इससे वार्डों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को वेतन न दे पाने के कारण ठेकेदार ने इस काम पर रोक लगा दी है। मानदेय इसलिए नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि कूड़ा कलेक्शन का शुल्क फर्म नहीं वसूल पा रही है। शत-प्रतिशत वसूली न होने के पीछे का कारण कुछ सभासदों का विरोध भी है। सभासद अपने वार्ड में कूड़ा कलेक्शन से पहले सुविधाएं बेहतर करने की बात कहकर मोहल्लेवासियों से शुल्क न वसूलने की बात कह रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में 30 वार्ड हैं। टेंडर होने के बाद फर्म ने हर वार्ड में दो कर्मचारी यानी कुल 60 सफाई कर्मचारियों के अलावा बीस कर्मचारी शुल्क वसूलने के लिए लगाए थे। कूड़ा कलेक्शन बंद होने को लेकर ईओ और नगर पालिकाध्यक्ष अलग-अलग बयान दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि फर्म को लाखों रुपये का घाटा हो रहा था, इसके चलते फर्म ने काम करना बंद कर दिया है।
कूड़ा कलेक्शन शुल्क बंद नहीं होगा
दो अप्रैल से कूड़ा कलेक्शन बंद हो गया है। इसके पीछे मोहल्लों से होने वाली वसूली न होना बताई जा रही है। लोग शुल्क देने से मना कर रहे हैं। कई बार कर्मचारियों से कहासुनी भी हो चुकी है। हालांकि वार्ता की जा रही है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुल्क किसी भी दशा में बंद नहीं किया जाएगा। यह शासन का आदेश है।
- डॉ. इरा श्रीवास्तव, पालिकाध्यक्ष
मार्च तक ही करना था फर्म को काम
जिस फर्म को ठेका दिया गया था, उसे मार्च महीने तक ही काम करना था। वार्ड में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसको लेकर नगर पालिका के कर्मचारियों से यह कार्य कराया जा रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद नई फर्म का टेंडर कराया जाएगा।
संजय कुमार, ईओ नगर पालिका