लखीमपुर खीरी। मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदेश के कई जिलों में मामले सामने आने के बीच दूसरे जिलों और राज्यों से आने-जाने वाले लोगों के माध्यम से संक्रमण जिले तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
बदलता मौसम और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अधिक संपर्क संक्रमण के प्रसार का कारण बन सकता है। चिकित्सकों के अनुसार खांसी, बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि जिले में अब तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। यह कोई नया स्ट्रेन नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है। लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर है।
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स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना। लगातार खांसी और गले में खराश। सिरदर्द और शरीर या मांसपेशियों में दर्द। अत्यधिक थकान और कमजोरी
जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर कोई अलर्ट नहीं है और अब तक यहां कोई मरीज नहीं मिला है। इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
-डॉ. रविमोहन गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी