जिले में भूकंप की दहशत दूसरे दिन भी रही। रविवार को दोपहर 12.39 बजे एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि तीव्रता काफी कम थी। इसके बावजूद झटके महसूस होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। बाजार में भगदड़ मच गई। रविवार को आए भूकंप से कई जगहों पर मकानों में दरारें पड़ गईं। खीरी कस्बे के मुगली टोला में एक मकान का छज्जा गिर गया। शहर के कांशीराम कॉलोनी में कई घरों के छज्जे टूट गए। दीवारों में दरारें पड़ गईं। भूकंप आने से लोग दिन भर दहशत में रहे।
खीरीटाउन। भूकंप के झटके आने पर मोहल्ला मुगलीटोला निवासी आरिफ हुसैन के मकान में ऊपर जाने वाले जीने के सामने एक छज्जा अचानक भरभरा कर गिर गया। ईटाें की आवाज सुन कर घर पर उनकी पत्नी दहशत में आ गईं। बच्चों को कमरे से बाहर मैदान में ला कर खड़ा कर दिया। छज्जा गिरने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग वहां इकट्ठा हो गए।
गोला गोकर्णनाथ। भूकंप के झटके रविवार को फिर महसूस किए गए। 25 अप्रैल को आए भूकंप के झटकों से खुटार रोड स्थित मथुरानगर कॉलोनी निवासी नंदकिशोर के मकान की छत में दरारें पड़ गई हैं। साथ ही पुरानी इमारतों को ऐसे में भारी नुकसान की संभावना है।
धौरहरा खीरी। रविवार दोपहर 12:39 बजे दोबारा आए भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। डरे सहमे लोग घरों से बाहर निकल गए। धौरहरा क्षेत्र के कफारा धौरहरा, अभयपुर, चंदपुरा रमियाबेहड़, हसनपुर कटौली ईसानगर, खमरिया समेत पूरी तहसील क्षेत्र में दूसरे दिन भी भूकंप के हल्के झटके आने से क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। घरों में लगे पंखे जोर जोर से हिलने लगे और खिड़कियों के शीशे चटक गए। एसडीएम धौरहरा ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने लागों से भूकंप आने के समय खुली जगह में रहने को कहा वही पुलिस को किसी भी हालत से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
निघासन। यहां दूसरे दिन भूकंप आने से लोग घबरा गए। थाने के दीवान और मुंशी अचानक थाने के बाहर भाग खड़े हुए। काठमांडू में हुई तबाही का मंजर सुनकर लोग बिना कुछ सोचे समझे घरों, दुकानों से बाहर भागने लगे।
सिंगाही। नगर में बना सौ साल से भी अधिक पुराने राजमहल और भूूलभुलैया की देखरेख करने वाले लोग घबरा गए हैं। उनका मानना है कि यदि इसी तरह से भूकंप आते रहे तो यह भवन खतरे से खाली नहीं है।
सिकंद्राबाद। रविवार को दूसरे दिन भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एक दूसरे का हाल जानने की कोशिश की हालांकि भूकंप के इस झटके से क्षेत्र में किसी प्रकार के जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
पलियाकलां। शनिवार को भूकंप ने दहशत कायम कर दी है। शनिवार की रात तमाम लोग फिर से भूकंप आने के डर से सोए ही नहीं। रविवार एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। रविवार को जब भूकंप के झटका लगा तो लोग घरों से निकल कर सड़कों व खुले स्थानाें पर आ गए। अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा।
नेपाल के धनगढ़ी संवाददाता के मुताबिक वहां कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इन झटकों के दौरान अफरा तफरी मच गई और लोग घरों, संस्थानों से निकल कर सड़कों पर आए गए।
भूकंप के बाद बदले मौसम के तेवर
शनिवार को भूकंप आने के बाद मौसम में अचानक बदलाव आ गया है। शनिवार शाम अचानक ठंडी हवाएं चलने लगीं। आसमान में बादल छा गए। रविवार को भी दिन भर बादल छाए रहे। दिन भर ठंडी हवाओं का दौर जारी रहा। बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आ गई है। कई दिनों से बढ़ रही गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
दो दिन बंद रहेंगे जिले के सभी स्कूल कॉलेज
लखीमपुर खीरी। भूकंप की संभावना के चलते जिले के सभी स्कूल कॉलेज दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। डीएम किंजल सिंह ने अगले दो दिन 27 और 28 अप्रैल को स्कूल कालेज बंद रखने के आदेश दिए हैं। डीआईओएस अशोक कुमार ने कहा कि यह आदेश जिले के सभी शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन मान्यता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, इंटर कॉलेज और महाविद्यालयों पर लागू होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि इस आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दैवीय आपदाओं से बचने को हुआ गो पूजन
गोला गोकर्णनाथ। श्री धर्मादा समिति गोशाला में गोशाला समिति, गुरुकुल सेवा समिति और गोवंश विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में भूकंप एवं देवी आपदाओं से बचाने के लिए गो माता की पूजा अर्चना की गई साथ ही गो चालीसा के रचयिता हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पं सुरेश शुक्ल संदेश को सम्मानित किया गया। पुजारी सुरेश शुक्ल ने मंत्रोच्चार के साथ गाय का पूजन कराया। गौ सेवकों ने गायों को फल, गुड़, पकवान, मिष्ठान खिलाया। इस मौके पर बैंक प्रबंधक सीपी श्रीवास्तव, श्यामजी राजपूत, उदित प्रताप सिंह, हर्षिल त्रिपाठी, धीरज बाजपेयी, अविनाश गुप्ता, सरोज मिश्र, मनोज बाथम, श्यामकिशोर अवस्थी, विनोद गौतम, प्रफुल्ल वाजपेयी, शिवचंद्र भार्गव, रंगईलाल भार्गव आदि मौजूद रहे।