ईसानगर। थाना क्षेत्र के दो गांवों में एक पागल कुत्ते ने बच्चों और पशुओं पर हमला बोल दिया। इससे दोनों गांवों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने कुत्ते को घेरकर लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। कुत्ते के काटने से एक ग्रामीण सहित छह बच्चे बच्चे और एक भैंस जख्मी हो गई। घायलों का सरकारी अस्पताल में उपचार कराया गया है।
थाना क्षेत्र के गांव दामूबेहड़ के ग्रामीणों ने बताया कि रविवार दोपहर करीब एक बजे कई बच्चे गांव में खेल रहे थे। तभी अचानक एक पागल कुत्ते ने बच्चों पर हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से गांव निवासी बहोरी (25), रानी (6), छोटू (12) व बहोरी की भैस जख्मी हो गई। यहां से कुत्ता पड़ोसी गांव पोखरा पहुंचा, जहां गांव निवासी मधुर (6), रहमतूना (8), करण (3) समेत कई लोगों के चेहरे, हाथों और पैर में काटकर जख्मी कर दिया। कुत्ते के अचानक हमलावर हो जाने से दोनों गांवों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाई और कुत्ते को घेर कर लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। सभी गंभीर रूप से जख्मी बच्चों व ग्रामीण को सरकारी अस्पताल में लाकर उपचार कराया गया।
गांवों में दहशत का माहौल
क्षेत्र में सियार, भेड़िया, तेंदुआ और अब कुत्तों के हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ
है। लोग अपने बच्चों को गली में भी खेलने के लिए नहीं निकलने दे रहे हैं। ग्रामीण अपने घरों के सामने लाठी डंडे लेकर पहरेदारी कर रहे हैं।
गर्मी और भूख हो सकती है हमले की वजह
ईसानगर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि कुत्तों के हमलावर होने के पीछे पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं। पहली वजह गर्मी है, जिससे कुत्तों की प्रवृति हिंसक हो सकती है। दूसरी वजह भूख हैं। खाना नहीं मिलने की वजह से कुत्ते खाने की तलाश में निकलते हैं और जो मिल जाए। उसी को खाने की सोचते हैं। कभी कभार रैबीज बढ़ने से कुत्ते हमलावर हो जाते है।