प्रदेश में डॉक्टरों के उत्पीड़न के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर जिले के डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे।
शहर के एक रेस्टोरेंट में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. केके मिश्रा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश के चिकित्सकों के मानसिक शोषण को लेकर संगठन ने कई पत्र शासन को भेजे, लेकिन उनका कोई उत्तर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि चाहे डॉ. रोहित गुप्ता पर हमले के आरोपियों पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की धारा लगाने की बात हो अथवा गाजीपुर में डॉ. राजेश सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह पर राजनीति से प्रेरित दर्ज किए गए मुकदमे का मामला हो, कानपुर के डॉ. आरती लाल चंदानी का निलंबन हो या फिर चिकित्सकीय सेवाओं पर विभिन्न एक्ट और कानून का प्रयोग कर भ्रष्टाचार बढ़ाने की बात हो। हर तरह से निजी चिकित्सा कार्यों में बाधा आ रही है तथा डॉक्टरों का शोषण हो रहा है। अब एसोसिएशन ने शोषण के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना ली है, जिसके तहत आठ मई को आईएमए के डॉक्टर सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि हड़ताल में सभी चिकित्सकीय संगठन इंडियन डेंटल एसोसिएशन, नर्सिंग होम एसोसिएशन, आयुष चिकित्सक संगठन और प्राइवेट मेडिकल प्रोफेशनल वेलफेयर एसोसिएशन का सहयोग रहेगा। उन्होंने जनता से सहयोग करने का आह्वान करते हुए आकस्मिक और गंभीर रोगियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने की अपील की है।