गन्ने के खेत के समीप कैमरा लगाते वनकर्मी। स्रोत:ग्रामीण
ममरी। ग्राम झाऊपुर के समीप शनिवार को गन्ने के खेत में मिले अधखाए शव की कपड़ों के आधार पर पहचान हैदराबाद क्षेत्र के ग्राम तूलमेल गंज निवासी 35 वर्षीय अनिल के रूप में की गई है। हालांकि, शव अधखाया होने के कारण पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हुआ है। शव अनिल का ही है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल जांच को प्रयोगशाला भेजा गया है।
ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश के बीच वन विभाग ने परिजनों से मुलाकात कर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। सीओ महक शर्मा ने बताया कि युवक की मौत के मामले में बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। वहीं, अधखाए शव की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए सैंपल जांच को प्रयोगशाला भेजा गया है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने रेंजर निर्भय प्रताप शाही के नेतृत्व में परिजनों से मुलाकात की। रेंजर ने ग्राम प्रधान आलोक जायसवाल की मौजूदगी में परिजनों को 10,000 रुपये की तात्कालिक सहायता दी। उन्होंने बताया कि मुआवजे से संबंधित कागजात ले लिए गए हैं। बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए झाऊपुर गांव के आसपास चार ट्रैप और चार नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही गन्ने के आसपास कांबिंग कराई जा रही है। इसके लिए वनकर्मियों की पांच टीमें गठित की गई हैं।