शासनादेश और डीएम को दरकिनार करते हुए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने दो
एनजीओ को गुपचुप एक करोड़ का भुगतान कर दिया है। इस मामले की जानकारी
मिलने पर डीएम किंजल सिंह ने कड़ा कदम उठाते हुए इसे फर्जी भुगतान करार
दिया और मामले की जांच के लिए सीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित
कर दी है। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ
अनुशासनात्मक/निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही है।
बता दें कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में हाटकुक्ड योजना के तहत
15 ब्लाकों के 3503 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एनजीओ द्वारा बच्चों को हाटकुक्ड
परोसा गया था। कई जनपदों में अनियमितताएं पकड़े जाने के बाद इस योजना को
जनवरी से खीरी में भी बंद किया जा चुका है। बताते चलें कि 24 दिसंबर 2014
को शासनादेश जारी कर जिला कार्यक्रम अधिकारियों को भुगतान से पूर्व डीएम की
अनुमति लेने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी
श्यामकुमारी ने दो एनजीओ को गुपचुप तरीके से करीब एक करोड़ का भुगतान कर
दिया है, जिसके संबंध में डीएम को कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही शासनादेश
के अनुरुप अनुमति ली गई। इसका खुलासा होने पर डीएम किंजल सिंह ने सोमवार
को सीडीओ दफ्तर में संबंधित अधिकारियों को तलब किया। इसके बाद उन्होंने
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी से जवाब-तलब करते हुए कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लेखाधिकारियों को तलब
कर भुगतान के अभिलेखों की जांच पड़ताल भी कराई। इसके बाद उन्होंने सीडीओ
नितीश कुमार के नेतृत्व में पीडी डॉ दिनेश सिंह और माध्यमिक शिक्षा के
लेखाधिकारी की टीम गठित कर दी है, जो तय समय में जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम
को सौपेंगे।
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फर्जी तरीके से एक करोड़ का भुगतान किया गया है,
जिसके संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं। डीपीओ के खिलाफ शासन को पत्र
लिखकर अनुशात्मक/निलंबन की कार्रवाई कराई जाएगी।
- किंजल सिंह, जिलाधिकारी