गोकर्ण तीर्थ के तट पर पिशाच मोचन कर्मकांड के बाद बड़ी अपशिष्ट पूजन सामग्री।
गोला गोकर्णनाथ। सावन में जहां एक ओर दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने बड़ी आस्था के साथ आते हैं। वहीं दूसरी ओर गोकर्ण तीर्थ के पिशाच मोचन घाट पर कर्मकांड के बाद गंदगी बिखरी है।
नीलकंठ मैदान के किनारे तीर्थ के पश्चिमी दक्षिणी छोर पर पिशाच मोचन घाट है। सनातन हिंदू परंपरा के अनुसार इस घाट पर मृत्यु के बाद एकादशी के नाम से पिशाच मोचन कर्मकांड होता है। कर्मकांड के बाद लोग अपशिष्ट पूजन सामग्री यूं ही छोड़ देते हैं। शनिवार को सावन शिवरात्रि पर गोकर्ण तीर्थ के इस तट पर अपशिष्ट पूजन सामग्री बिखरी पड़ी थी। पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू का कहना है कि घाट पर कूड़ा दान लगाया जाएगा। उन्होंने सफाई रखने की अपील की।
गोकर्ण तीर्थ में भरवाया जा रहा जल
सावन के दूसरे सोमवार पर सोमवती अमावस्या भी है। श्रद्धालुओं की अपेक्षाकृत अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इस आशय से गोकर्ण तीर्थ के जल की सफाई करा कर और जल भरवाया जा रहा है।
कार की रगड़ लगने से भड़क गए कावंड़िये, किया हंगामा
शनिवार को शिव मंदिर जाते समय कावड़ियों के जत्थे के एक सदस्य को सदर चौराहे पर कार बैक करते समय लग गई। जिससे कांवड़िये भड़क गए। कार को घेर कर हंगामा करने लगे। शोर सुनकर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह कांवड़ियों को समझा-बुझाकर मामला रफा-दफा कराया।