भैंस चराने गए गांव मंझिलीपुरवा का एक युवक की पुरैना तालाब में डूबने से मौत हो गई। परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। लेखपाल रामकिशोर ने मौका मुआयना किया।
गांव मंझिलीपुरवा निवासी दीपू (20) पुत्र विनोद मंगलवार दोपहर 11 बजे अपनी भैंसों को लेकर चराने गया था। देर शाम उनकी भैंस तो वापस आ गई, लेकिन दीपू घर नहीं लौटा। परिवार वालों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दीपू का भाई भोला और उसके परिवार के लोग उसे तलाश करते हुए पुरैना ताल पहुंचे। वहां पर पूरब तरफ तालाब में उतराते हुए कुछ कपड़े दिखाई पड़े। लोग उसके पास गए। वहां पर जब पानी में घुसकर देखा तो दीपू का शव था। दीपू के वयोवृद्व बाबा गेंदूलाल ने बताया कि उसकी लाठी तालाब के किनारे पड़ी मिली। वह मवेशियों को चराते हुए तालाब के किनारे खड़ा था। देखने से प्रतीत हो रहा था कि पैर फिसल गया और वह उसमें डूब गया। दीपू की मौत से उसके बाबा गस खाकर गिर पड़े। गेंदूलाल ने बताया कि दो माह पहले उसका जवान बेटा पप्पू बीमारी के चलते मर गया था। अब उसके पोते दीपू की मौत से पूरा परिवार टूट गया है।