जमुना बाद फार्म में तेंदुओं की लोकेशन पता लगाने के लिए लाई गईं मादा हाथी डायना और गंगाकली।
वन कर्मी आज से शुरू करेंगे इन हथनियों से बाघ-तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र में कांबिंग
दो माह से तेंदुए और बाघ के आतंक से पांच लोगों की जा चुकी है जान
गोला गोकर्णनाथ। गोला वन रेंज की पूर्वी और पश्चिमी बीट में करीब दो माह से तेंदुए और बाघ के आतंक से पांच लोगों की जान जा चुकी है। वन्यजीवों की कांबिंग के लिए दुधवा से शनिवार की देर शाम दो हथिनी गंगाकली और डायना को राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र जमुना बाद फार्म के प्रखंड तीन में ट्रक से लाया गया है।
शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एवं प्रधान वन्यजीव प्रतिपालक केपी दुबे और डीएफओ दक्षिण संजय विश्वाल, डीएफओ उत्तरी सुंदरेष ने तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों को सचेत किया था। प्रधान वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देश पर दुधवा से प्रतीक्षित हथिनी गंगाकली और डायना को लाया गया है।
रेंजर संजीव कुमार तिवारी ने बताया कि रविवार की सुबह से वनकर्मी डायना और गंगाकली हथिनी के साथ तेंदुआ और बाघ प्रभावित क्षेत्र में कांबिंग करेंगे। इस मौके पर डीएफओ दक्षिण संजय विश्वाल, डीएफओ नार्थ सुंदरेष, डब्ल्यूटीआई के डॉ. खनिन, ट्रेंकुलाइज टीम के डॉ. दक्ष गंगवार आदि मौजूद रहे।