लखीमपुर खीरी। बिगड़ी दिनचर्या और गलत खानपान की वजह से डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में भी ऐसे मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों उन्हें दवा के साथ परामर्श दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पौष्टिक भोजन और व्यायाम करने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जिला अस्पताल के जेरियाट्रिशियन डॉ. शिखर वाजपेयी ने बताया कि शारीरिक गतिविधि भी इन बीमारियों से बचाव का अहम हिस्सा है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या हल्की कसरत बीपी को नियंत्रित रखने में मदद करती है। बताया कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें डायबिटीज का खतरा दोगुना बढ़ जाता है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि तनाव भी डायबिटीज लिए हानिकारक है। वृद्धों में यह बीमारी बढ़ रही है। एक उम्र के बाद लोग डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं। ऐसे काफी मरीज उनके पास आ रहे हैं। इसलिए नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण बहुत जरूरी हैं।
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धूम्रपान से करें दूरी, नियमित कराएं सेहत की जांच
डॉ. शिखर वाजपेयी ने बताया कि डायबिटीज शुरुआती दौर में अक्सर लक्षण नहीं दिखाते। इसलिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच और सही सलाह से इन बीमारियों को नियंत्रित करना आसान हो जाता है। इसके अलावा धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ये आदतें न सिर्फ डायबिटीज को बढ़ाती हैं, बल्कि हृदय और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।