निघासन। गुजरात के व्यापारी से सोने की ईंट के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में ढखेरवा पुलिस चौकी इंचार्ज गौरव सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सीओ की जांच आख्या पर एएसपी पवन गौतम ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया। तीन सिपाहियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है, इसमें एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी है।
गुजरात के अहमदाबाद निवासी हनीफ अपने अन्य दो साथियों के साथ 15 दिन पहले ढखेरवा आए थे। लखीमपुर के ढखेरवा रोड पर ठगों ने उन्हें सोने की नकली ईंट दिखायी थी। बताते हैं कि ईंट का सौदा करीब 40 लाख रुपये में तय हुआ था। एक लाख रुपये का बयाना देने के बाद हनीफ अहमदाबाद वापस लौट गए थे।
पांच दिन बाद ईंट खरीदने और उसको परखने के लिए हनीफ पांच लोगों के साथ दोबारा ढखेरवा आए थे। सेमरापुरवा के दिनेश ने ईंट दिखाने से पहले 15 लाख रुपये ले लिया। उसके बाद ईंट दिखाई। ईंट हाथ में लेने के बाद देखा तो वह गड़बड़ लगी। इसी बीच ठग मौका पाकर पैसा और ईंट लेकर भाग गए। ठगी का शिकार हुए व्यापारी जब ढखेरवा चौकी पहुंचे तो पुलिस ने उन लोगों की नहीं सुनी।
सीओ प्रवीण कुमार को जानकारी होने पर उन्होंने तीन ठगों को पकड़कर पूछताछ के लिए थाने में बैठाया है। सेमरापुरवा के एक ठग ने सात लाख रुपये चौकी इंचार्ज को देने की बात कही थी। पुलिस से शिकायत करने आए पीड़ित को भी धमकाकर चौकी इंचार्ज ने डेढ़ लाख रुपये वसूले थे।
चौकी इंचार्ज को दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। सीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले में एएसपी ने चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की है। तीन सिपाही चौकी में थे। उनकी भी जांच की जा रही है। सेमरा पुरवा के दिनेश, प्रतापगढ़ के राजेश और जम्हौरा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी कर पैसा लूटने की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने दिनेश से छह लाख, विनोद और राजेश से एक-एक लाख रुपये बरामद किया है।
2018 में भी ठगी के मामले में चौकी इंचार्ज हो चुके हैं निलंबित
साल 2015 में नागमणि के नाम पर मुंबई के लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस ठगी में भी चौकी इंचार्ज गौरव सिंह पर आठ लाख रुपये लेने का आरोप लगा था। इस मामले में सीओ सविरत्न गौतम ने जांच कर चौकी इंचार्ज को निलंबित करते हुए चार ठगों को जेल भेजा था।
चौकी इंचार्ज से रकम बरामद होने पर भी रिपोर्ट न लिखना चर्चा का विषय बना
इस मामले में चौकी इंचार्ज से साढ़े आठ लाख रुपये बरामद करने के बाद भी रिपोर्ट न लिखना चर्चा का विषय बना है। सीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।