निघासन। क्षेत्र के प्राचीन मंदिर मोटेबाबा को लेकर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। सोमवार को एक गुट के लोगों ने मंदिर में ताला डाल दिया। इससे श्रद्धालु भड़क गए। नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मंदिर की चाबी मंगवाई। इसके बाद जन्माष्टमी का कार्यक्रम हो सका।
पुजारी विकट गिरि ने बताया कि सरयू नदी के किनारे 150 साल पुराना मोटेबाबा का स्थान है। यहां मंदिर बनवाने वाले लोगों के परिवार के लोग मंदिर में पूजा पाठ और उसकी देखरेख करते आ रहे हैं। कुछ समय पहले एक व्यक्ति मंदिर में पूजा करने के बहाने आया। इसके बाद उसने लोगों के सहयोग से मंदिर में निर्माण कार्य भी कराया। आरोप है सत्तापक्ष से मिलकर उसने मंदिर पर अपना अधिकार जमा लिया।
कई बार विवाद होने के कारण दूसरे पक्ष ने मंदिर में ताला डाल दिया। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा करने जब श्रद्धालु पहुंचे तो ताला देखकर भड़क गए। विकट गिरि ने प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह को फोन किया। दिनेश कुमार सिंह ने दूसरे पक्ष से चाबी लेकर मंदिर के कपाट खुलवाए।
इसके बाद लोगों ने वहां पूजा-पाठ किया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूजा-पाठ करने के बाद चाबी वापस कोतवाली में जमा हो जाएगी। समझौता के बाद ही कुछ निर्णय हो सकेगा।