हिमालय की तलहटी में बसा तराई का खीरी जिला आदि काल से शिव उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है। महाशिवरात्रि को लेकर यहां खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। पूरे शहर को बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर यहां महारुद्राभिषेक समेत कई धार्मिक आयोजन होंगे। 14 फरवरी को शहर में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। वहीं, टेढ़ेनाथ शिव मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर, कफारा का लीलानाथ मंदिर, ओयल का मेढक मंदिर, प्राचीन लिलौटीनाथ मंदिर और भुइफोरवानाथ मंदिर में भी भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन होगा।
गोला गोकर्णनाथ। शिवजी की प्राचीन पुण्य स्थली छोटी काशी में महाशिवरात्रि पर मंगलवार को हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। सोमवार की दोपहर तैयारियों का जायजा लेने पौराणिक शिव मंदिर पहुंचे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी डॉ एस चन्नप्पा और पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया। संकट मोचन हनुमान मंदिर के पुजारी प्रमोद पांडे ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का पूजन और अभिषेक कराया। डीएम, एसपी ने मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जनार्दन गिरी और पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल से जानकारी लेकर अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीएम ने बताया कि शिव मंदिर के पास ही मेला कार्यालय बनाया गया है, जिसमें नगर पालिका कर्मी और चिकित्सक मौजूद रहेंगे। मंदिर और तीर्थ में परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए लगाए गए हैं। भारी और गन्ना भरे वाहनों के नगर में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। एसपी ने बताया कि अलीगंज मार्ग पर कृषि उत्पादन मंडी समिति, लखीमपुर मार्ग पर साजिद नगर मोहम्मदी मार्ग पर बाईपास के निकट और खुटार मार्ग पर नगर से दूर दर्शनार्थियों के वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है। सादी वर्दी में पुरुष और महिला आरक्षी तैनात रहेंगे।
कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से 33 प्वाइंट बनाए गए हैं। सदर चौराहे पर भी नगर पालिका परिषद द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। गोला में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा 70 आरक्षी ड्यूटी पर रहेंगे। इनमें 5 एसओ और 4 महिला आरक्षी मुस्तैद रहेंगे।
रजागंज। क्षेत्र की ग्राम पंचायत घुंघुची के मजरा गांव धनिगवां में भगवान धनेश्वर नाथ जी का आदिकाल से मंदिर स्थापित है। गांव के बुजुर्ग साधूराम वर्मा, राजकुमार शुक्ला, लल्ला सिंह यादव ने बताया कि पं. लक्ष्मीकांत मिश्रा द्वारा रुद्राभिषेक कराया जायेगा।
गोकर्ण तीर्थ में भक्त लगाएंगे श्रद्धा की डुबकी
शिव मंदिर के समीप स्थित प्राचीन गोकर्ण तीर्थ में भक्त भोर होते ही श्रद्धा की डुबकी लगाएंगे शाम को तीर्थ दीपों से जगमग होगा आयोजक दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि महाशिवरात्रि को तीर्थ परिसर को दीपों से जगमग करने की योजना है। उन्होंने भक्तों से अपने घरों से दीप लाकर प्रज्वलित करने का आह्वान किया है।
भोले बाबा की निकलेगी बारात
सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष रामचंद्र रस्तोगी ने बताया सर्राफा कमेटी द्वारा भोले बाबा की बारात शिव मंदिर परिषद परिसर से निकलेगी गाजे-बाजे और डमरू की धुन पर अबीर गुलाल उड़ाते भक्त की बारात में मौजूद रहेंगे।
शिव मंदिर में होती है चारों पहर की पूजा
छोटी काशी के प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया महाशिवरात्रि पर प्रथम पहर की पूजा और शिव जी का शृंगार रात्रि 11:15 से 1:40 तक, दूसरे पहर की पूजा और शिव शृृंगार 2:00 से 3:00 बजे तक, तीसरे पहर की पूजा और शिव जी का शृंगार 3:30 से 4:30 बजे तक होगा। शिवपुराण में वर्णित महाशिवरात्रि व्रत की कथा सुनाई जाएगी। आचार्यों द्वारा शिव स्त्रोत और शिव तांडव का पाठ किया जाएगा। चौथे पहर की पूजा 4:30 से 5:15 तक होगी। इसके पश्चात वृती श्रद्धालु स्नान दान कर पुण्य प्राप्त करेंगे और व्रत का पारायण करेंगे। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जनार्दन गिरी ने बताया कि मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाएंगे
महाशिवरात्रि पर शिव पूजन से मिलता है दुर्लभ फल
स्कंद पुराण के ब्राह्मण खंड ब्राह्मोत्तर खंड में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। इन 30 दिन उपवास कर रात्रि जागरण कर शिवलिंग के दर्शन करने से 100 करोड़ जन्मों से उत्पन्न पुण्य राशि प्राप्त होने और भगवान शंकर की बेलपत्र से पूजा करने और उपवास से पुण्य मिलता है। इस पुराण में स्वयं भगवान शिव ने कहा है कि पुष्प, दूध, कुश, जल, अक्षत और सरसों से जल देने से मनुष्य स्वर्ग में वास करता है। दही, दूध, जल से स्नान करने से 10 गुना फल मिलता है। स्नान के बाद गोधूम चूर्ण का शिव को उबटन कर कपिला गाय के पंचगव्य और गंगाजल से स्नान करा पूजन कर गूगल की धूप देने और बेलपत्र अर्पित कर पुष्पों से पूजन करने से श्रद्धालु को स्वर्ग प्राप्त होता है।