मनरेगा के तहत गांवों में तालाबों के सुदृढ़ीकरण के अलावा सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। गांव के अंदर या फिर नजदीक के तालाबों को पार्क के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए सीडीओ नितीश कुमार ने सभी बीडीओ को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभी 2014-15 में चयनित 39 लोहिया ग्रामों में ही तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
बता दें कि करीब सात साल पूर्व प्रत्येक गांव में मॉडल तालाब बनाने का लक्ष्य था। इसमें मनरेगा के तहत धन भी खर्च किया गया। गुणवत्ता ठीक न होने से कुछ समय में तालाब अपना अस्तित्व खो बैठे। इस कारण मॉडल तालाब की योजना ही बंद कर दी गई। अब सीडीओ नितीश कुमार ने लोहिया गांवों में कराए जा रहे तालाबों के सुदृढ़ीकरण के अलावा सौंदर्यीकरण कर पार्क के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई है। हालांकि शासन से इस बाबत कोई निर्देश नहीं हैं।
सीडीओ ने बताया कि तालाब के चारों ओर बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच बनाई जाएंगी और एक साइड में सीढ़ियां बनाई जाएंगी। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए तालाब के एक साइड में ढलान भी बनाया जाएगा। इसके अलावा तालाब के चारों ओर पौधरोपण भी कराया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि सभी बीडीओ को इस बाबत विस्तृत निर्देश दिए हैं। तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए मनरेगा की धनराशि का उपयोग किया जाएगा। 60:40 (मजदूरी:मैटेरियल) का रेशयो मेंटेन कर कार्य कराएंगे।