मझगईं। बेला कलां में आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला चावल न देने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। साथ ही तहसीलदार को ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग की।
बेला कलां गांव के ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ किलो चावल पांच से छह साल तक के बच्चों की पात्र महिलाओं को दिया जाता है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जब पूछा जाता है, तो गल्ला न आने की बात कही जाती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सितंबर से कोटेदार के यहां चावल लगा हुआ है लेकिन उसका उठान नहीं किया गया। इसी से नाराज होकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन देते हुए जांच कराकर राशन का वितरण कराने की मांग की।
इस दौरान उत्तम कुमार, दीनानाथ, अनंत कुमार, अजय कुमार, जितेंद्र, विनोद कुमार, रामधर, ममता देवी, साक्षी देवी, रवि अहमद समेत भारी संख्ख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उधर, कोटेदार का कार्य देखने वाले वेदराम ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कई बार गल्ला उठाने के लिए कहा गया है लेकिन उन्होंने उठान नहीं किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा गौतम व सुखविंदर कौर ने कोटेदार के आरोप को खारिज किया। साथ ही कहा कि पोलियो व आयुष्मान कार्ड बनाने के समय कोटेदार ने गल्ला उठाने को कहा। ग्रामीणों और प्रधान से शिकायत के बाद रविवार को कोटेदार द्वारा गल्ला दिया गया है, जिसका अब वितरण किया जाएगा।