रोजी रोटी संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के भूमिधर की जमीन को गैर अनुसूचित जाति के व्यक्ति के खरीदने पर लगा प्रतिबंध यथावत रखा जाए। नई व्यवस्था में आबादी भूमि आवंटन और कृषि भूमि आवंटन आदि में अनुसूचित जातियों को पिछड़ा वर्ग एवं समाज में गरीबी रेखा से नीचे के सामान्य श्रेणी के व्यक्तियों को एक श्रेणी में रख दिया गया है इसमें पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इसके अलावा विकास कार्यों के नाम पर अर्जित भूमि के बीच पड़ने वाली लोक उपयोगिता की श्रेणी बदलने के लिए सरकार को सक्षम बनाया गया है जो विनिमय भी कर सकती है। इस परिवर्तन को निरस्त किया जाए। इसके अलावा बाढ़ एवं नदी कटान से प्रभावित लोगों को भूमि आवंटन में वरीयता क्रम में रखने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में आशारानी, शमसुल निशा, बिंदू और मौलवी सहित तमाम लोग शामिल थे।