ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव इमलिया अजान निवासी ग्रामीण अमरेश (45) की बाघ हमले में हुई मौत के बाद किसान नेताओं और परिजनों ने धरना प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की। सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया करीब तीन घंटे तक हंगामा चला।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद अमरेश का शव जब गांव लाया गया तो किसान नेता दिलबाग सिंह संधू और शिवकरण वर्मा की अगुवाई में परिजनों ने धरना-प्रदर्शन कर 25 लाख मुआवजा, मृतक के किसी एक परिजन को नौकरी और बाघ पकड़वाने की मांग की। करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा।
मौके पर पहुंचे गोला विधायक अमन गिरि, तहसीलदार सुखवीर सिंह, सीओ अजेंद्र कुमार यादव, हैदराबाद एसओ दीपक तिवारी और रेंजर नरेश पाल सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया। रेंजर ने फौरी राहत के तौर पर दस हजार रुपए की सहायता राशि का चैक दिया। मामला शांत होने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
गुस्साए परिजनों ने किया वनकर्मियों का घेराव, हंगामा
डीएफओ के समझाने पर माने, बाघ पकड़ने के लिए लगाए गए दो पिंजरे
ममरी। बाघ के हमले में गांव इमलिया निवासी युवक की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने वनकर्मियों का घेराव किया। ग्रामीण बाघ को पकड़वाने की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंचे डीएफओ संजय बिस्वाल ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मांग और डीएफओ के निर्देश पर बाघ की लोकेशन पता लगाने के लिए गन्ने के आसपास चार कैमरे लगवाए गए हैं। साथ ही बाघ को बेहोश करने के लिए दो पिंजरे लगवा कर उनमें बकरे बंधवाए गए हैं। वन कर्मियों की दो टीम गन्ने के आसपास पेट्रोलिंग में लगाई गई हैं। संवाद
एक महीने के अंदर बाघ ने किए 10 हमले
गांव वालों का कहना है कि क्षेत्र में करीब महीने भर से दहशत का कारण बना बाघ जब तक पकड़ा नहीं जाता, तब तक वे लोग शांत बैठने वाले नहीं है। वन रेंज क्षेत्र में एक महीने के अंदर बाघ का यह 10 वां हमला है। खेतों में बाघ घूमते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अब तक तो बाघ पालतू पशुओं पर हमला करते थे, अब इंसान भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीणों की खेतीबाड़ी चौपट होती जा रही है।
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बाघ का पता लगाने और उसे पकड़वाने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को खेतों में काम करते वक्त सतर्क रहने की जरूरत है। सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई है।
- संजय विश्वाल, डीएफओ
दक्षिणी खीरी वन प्रभाग
इमलिया में हंगामा करते ग्रामीण-संवाद