लखीमपुर खीरी। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अफसर सांसद और विधायकों के निशाने पर रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद अजय मिश्र टेनी ने ‘श्रीमद्भागवत गीता’ की प्रतियां बांटकर कुछ संदेश देना चाहा। इस संदेश को बाद में सदर विधायक योगेश वर्मा ने साफ भी कर दिया। उन्होंने गोशाला निर्माण की फाइल स्वीकृत करने में ढाई प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाते हुए डीपीआरओ को निशाने पर लिया और पंचायती राज विभाग दफ्तर की पोल खोल दी। बात बिगड़ने लगी तो फिर गीता का जिक्र लाते हुए कहा कि यह गीता जो दी गई है न...इसे अधिकारी रखें नहीं, बल्कि पढ़ें और कुछ सीखें, वरना मामला गंभीर फंसेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को बैठक की शुरुआत विभागों के कामों पर चर्चा से हुई। तभी सांसद टेनी ने कहा कि बहुत दिनों बाद बैठक हो रही है, हम अपनी तरफ से गीता बांट रहे हैं। इसके बाद विधायकों ने कहा कि गोशालाओं की स्थिति बहुत खराब है, लावारिस पशुओं के हमले में गांव वालों के मारे जा रहे हैँ। इस पर डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि छह हजार पशुओं को गोशाला में भेजा जा चुका है। सदर विधायक ने माइक संभालते हुए कहा कि ये सब फर्जी आंकड़े हैं। फिर बोले - प्रधान अपने गांवों में ग्राम निधि का पैसा गोशाला में लगा रहे हैं, कहीं इधर-उधर से नहीं आया है। डीपीआरओ से मुखातिब होते हुए आगे कहा कि जब प्रधान आपके दफ्तर में आते हैं तो ढाई प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है। इस पर डीपीआरओ सफाई देते हुए बोले-ऐसा नहीं है। विधायक ने लगे हाथ उदाहरण भी दे दिया, बोले -मेरी ही ग्राम पंचायत परौरी की फाइल कमीशन न मिलने से स्वीकृत नहीं की गई। सवाल उठा कि आखिर कमीशन मांगता कौन है तो विधायक ने एक महिला क्लर्क का नाम बताते हुए कहा कि वह मांगती हैं। जब बात बिगड़ने लगी तो डीएम ने मामला संभालने की कोशिश करते हुए कहा- यह सब बातें गलत हैं, गोशाला की जो भी फाइल आए, उसका दो दिन में निस्तारण किया जाए।
अन्य विधायक भी अफसरों पर मुखर रहे। गोला विधायक अरविंद गिरि ने छह-सात गांवों में स्कूल और घरों के ऊपर से निकली 11 केवीए हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग भी रखी। विधायक सदर योगेश वर्मा ने एक बार अफसरों को सकते में डालते हुए पूछा कि अधिकारियों के यहां कितने सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। विधायक मंजू त्यागी ने परिषदीय विद्यालयों के शौचालयों में गंदगी का मुद्दा उठाया। बैठक में डीआरडीए के पीडी रामकृपाल चौधरी, डीडीओ अरविंद कुमार, एसई आरडी यादव, एक्सईएन योगेंद्र सिंह समेत तमाम अफसर मौजूद थे।