नए साल का जश्न मनाने के लिए कुछ लोगों ने हिरन का शिकार कर डाला। कच्ची शराब पकड़ने के लिए पुलिस की छापामारी के दौरान यह शिकारी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने इस मामले में दो शिकारियों को दबोच लिया है, जबकि सात अन्य फरार हैं। पुलिस ने मामला वन विभाग के हवाले कर दिया है।
धौरहरा कोतवाल ब्रजेश त्रिपाठी के निर्देश पर रविवार रात करीब आठ बजे पुलिस टीम कच्ची शराब के खिलाफ छापामारी करने के लिए निकली थी। ग्राम हौकना मटेरा में इस टीम को सूचना मिली कि रात में ही कुछ लोगों ने हिरन का शिकार किया है और उसका मांस और अवशेष आपस में बांट लिया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रानीपुरवा गांव के रामखेलावन, पांडेपुरवा गांव के मंगरे और लहबड़ी निवासी भालू के घर देर रात करीब दस बजे छापा मारा।
इस कार्रवाई में पुलिस को मंगरे के घर से कच्चे मांस के साथ हिरन का सिर बरामद हुआ तो लहबड़ी निवासी भाली के घर से मोरपंख, हिरन की पुरानी सींग और ताजा मांस मिला। रामखेलावन के घर भी पुलिस ने मांस बरामद किया। इस दौरान रामखेलावन और भालू को दबोचने में पुलिस कामयाब रही, जबकि मंगरे फरार हो गया। पुलिस ने मामला वन विभाग के हवाले कर दिया है।
रेंजर आरके दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने शिकारियों को पकड़ने के बाद मामला वन विभाग को सौंप दिया है। इस प्रकरण में तीन ज्ञात और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ वन विभाग कार्रवाई करेगा। फरार सात आरोपियों की तलाश की जा रही है जल्दी ही पकड़े जाएंगे।