कार्तिक अमावस की अंधेरी रात प्रकाश पर्व दीपावली पर जगमग हो उठी। जिले के ग्रामीण इलाकों में घरों की चहारदीवारी पर दमकते दीये छज्जों पर लटकती बिजली की झालरों की लड़ियां आकाश में आतिशबाजी के नजारे प्रकाश पर्व पर छटा बिखेर रहे थे। हाथों में फुलझड़ी लिए बच्चों की किलकारियां जहां घर के आंगन को आनंदित कर रही थीं। वहीं मां लक्ष्मी और गणेश के स्वागत के लिए घर में बड़ों द्वारा पूजन पाठ सुख-समृद्घि की कामना के साथ किया गया। घरों में पकवानों की सोंधी सुगंध परिवार के सदस्यों को एक थाली में खाने का न्योता दे रही थी।
गोला गोकर्णनाथ। बच्चों और युवाओं ने दीपावली के लिए आकर्षक परिधान और आतिशबाजी की खरीददारी अपने माता-पिता के साथ अपने मनमाने ढंग से कर रखी थी। शाम से ही दीपावली पर पूरा नगर रोशनी से जगमग और पटाखों की आवाज से गूंज उठा। लोगों ने सुख, समृद्घि की कामना के साथ दीपावली पर मां लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा कर माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लिया।
उचौलिया। श्रद्धा और उल्लास के साथ प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस मौके पर बच्चे बेहद खुश नजर आए।
पलियाकलां। लोगों ने घरों को मिट्टी के दीयों, बिजली की झालरों के साथ विभिन्न तरह की रंगोलियों से सजाया और गणेश व लक्ष्मी पूजन कर दीप जलाए। इसके साथ ही दीपावली के अगले दिन महिलाओं ने खील-चूरा ओर खिलौना आदि से गोवर्धन पूजा की।
मझगईं। कस्बे समेत नौगवां, बेलाकलां, कोठिया, भगवंतनगर गुलरा, बल्लीपुर, मलिनियां आदि गांवों में रोशनी और खुशियों का पर्व दीपावली का पर्व हर्षोलास के साथ मनाया गया।
ममरी। परंपरागत ढंग से हषोल्लास के साथ दिवाली मनाई गई। इस मौके पर बच्चे फुलझड़ी, पटाखे, अनार, महताब आतिशबाजी छुड़ाने में मशगूल रहे। इस मौके पर समस्त गांव रोशनी से गुलजार रहे, जबकि कई स्थानों पर जुए के अखाड़े लगे रहे।
मैलानी। शाम होते ही पूरा नगर बिजली की झालरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स आइटमों की रोशनी से जगमगा गया। देर रात तक पटाखों, रॉकेटों और आतिशबाजी से नगर गूंजता रहा।
बेलरायां। गांजर में दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने घरों में गणेश-लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर परिवार में खुशहाली के लिए कामना किया है।
तिकुनियां। बार्डर इलाके में दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।