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Lakhimpur Kheri: थारू जनजाति के लोगों के दशकों के संघर्ष का हुआ सुखद अंत, सीएम योगी ने दी बड़ी सौगात

Sat, 11 Apr 2026 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो महबूब आलम, संवाद न्यूज एजेंसी, पलियाकलां

सार

मुख्यमंत्री योगी ने पलियाकलां के चंदनचौकी में आयोजित कार्यक्रम में विकास, अधिकार और पहचान से जुड़े कई अहम सौगात दी। उन्होंने थारू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक सौंपा। इसी के साथ थारू जनजाति के परिवारों के दशकों के संघर्ष का सुखद अंत हो गया। 
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मंच पर थारू परिवारों की बच्चों के साथ सीएम योगी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्र चंदन चौकी में शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक और भावुक पल लेकर आया। जल, जंगल और जमीन पर अपने हक के लिए दशकों से संघर्ष कर रहे थारू जनजाति के लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को चंदन चौकी में थारू समुदाय के लोगों को भूमि अधिकार पत्र सौंप दिए। इस कदम से न केवल आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन का कानूनी मालिकाना हक मिला है, बल्कि वन विभाग के साथ चले आ रहे बेदखली के डर और लंबे विवाद का भी पटाक्षेप हो गया है।

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केंद्र की कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी वनाधिकारों की मान्यता अधिनियम 2006 जो कि वर्ष 2008 में लागू  किया था। इसका  मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्रों में पीढ़ियों से रह रहे मूल निवासियों को उनके अधिकार देना था। लेकिन तत्कालीन कांग्रेस की केंद्र और राज्य सरकार में पार्टियों के अंतर ने इस कानून को कभी ढंग से अमल में नहीं लाने दिया। 

थारू जनजाति के लोग अपने सामुदायिक और व्यक्तिगत अधिकारों के लिए लगातार दावे पेश करते रहे, लेकिन तकनीकी पेंच, साक्ष्यों की कमी और वन विभाग की आपत्तियों के कारण कई दावे जिला स्तरीय समिति द्वारा खारिज कर दिए जाते थे। स्थिति यह थी कि अपनी ही जमीन पर पीढ़ियों से खेती कर रहे। इन आदिवासियों पर हमेशा अतिक्रमणकारी होने का ठप्पा लगा रहता था। वन उपज इकट्ठा करने से लेकर कच्चे मकानों की मरम्मत तक में वन विभाग के साथ टकराव आम बात थी। 

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मंच पर सीएम योगी, मंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधि - फोटो : संवाद
पलिया विधायक ने की थी पैरवी 
पिछले कुछ वर्षों में बेदखली के नोटिस और वन अपराध के मुकदमों ने समुदाय के भीतर भारी असुरक्षा पैदा कर रखी थी। वनाधिकार कानून लागू होने के बाद भी आदिवासियों को उनका हक न मिल पाया और उनकी उम्मीद टूट सी गई थी, लेकिन पलिया विधायक रोमी सहानी ने इस दंश को समझा और जानकारों से सलाह मशवरे के बाद पुरजोर तरीके से इसकी पैरवी की, जिसका नतीजा हुआ कि थारूओं को अधिकार पत्र देने का निर्णय हुआ। 

शनिवार को इसको अमली जामा पहनाते हुए चंदन चौकी में मुख्यमंत्री ने खुद लाभार्थियों को अधिकार पत्र सौंपकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति आश्वस्त किया। अब जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार पीढ़ियों से काबिज हैं, कानूनी रूप से वह उसके मालिक बन गए हैं। इससे वन विभाग द्वारा बेदखली का डर भी हमेशा के लिए खत्म हो गया है।

...विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
शनिवार को बांटे गए यह अधिकार पत्र महज भूमि के पट्टे नहीं हैं बल्कि यह थारू आदिवासियों के उस अदम्य साहस और धैर्य की जीत है जो उन्होंने अपने वजूद को बचाने के लिए दिखाया है। इस फैसले से थारू समुदाय के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। चंदन चौकी के जंगलों में आज जो खुशी की लहर है, वह इस बात का प्रमाण है कि आदिवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर ही वन और वनवासियों, दोनों का सही मायने में संरक्षण किया जा सकता है।

योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
गवर्मेंट ग्रांट एक्ट के तहत बसे इन आदिवासियों के पास मालिकाना हक न होने के कारण यह परिवार मूलभूत सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। शनिवार को अधिकार के साथ साथ मुख्यमंत्री ने ग्रामीण आवास योजना की प्रतीकात्मक चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी।
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वर्षों का सपना पूरा हुआ 
मुख्यमंत्री ने हमें भौमिक प्रमाण पत्र देकर सशक्त बनाया है। इससे हम भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।   - सुमित्रा निवासी ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट
हम लोग वर्षों से यहां रह रहे थे, लेकिन हमेशा डर लगा रहता था कि कहीं जमीन छिन न जाए। आज मुख्यमंत्री के हाथों जमीन का अधिकार पत्र मिला है, अब दिल से डर खत्म हो गया है। - राम नरेश, बसही कॉलोनी
पहले अपने ही घर में असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन अब सरकार ने हमें अधिकार दिया है। अब अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित दिख रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। - रामकुमार, ग्राम पचपेड़ा
50 साल से परिवार यहां रह रहा था, लेकिन हमेशा चिंता बनी रहती थी। आज जमीन का अधिकार पत्र मिलने से बहुत बड़ा सहारा मिला है। अब चैन से जीवन जी सकेंगे। - यशोदा राणा, बरबटा गांव
हमने कभी नहीं सोचा था कि हमें अपनी जमीन का कागज मिलेगा। आज बहुत खुशी हो रही है, अब कोई हमें यहां से हटा नहीं सकता। - भागवती, बरबटा गांव
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबी मिली है। अब अपना पक्का घर होने का सपना पूरा हो गया। यह हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी का दिन है।  - बल्लो, ध्यानपुर चंदन चौकी
सोलर योजना से हमें काफी राहत मिलेगी। अब बिजली की दिक्कत कम होगी और खर्च भी बचेगा। सरकार की यह योजना बहुत उपयोगी है। - कुंवर सेन, नौगवां
मुझे आंगनबाड़ी का प्रमाणपत्र मिला है, इससे आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। अब मैं गांव के बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर काम कर सकूंगी। - मीना कुमारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना के तहत सोलर का लाभ मिला है। अब बिजली का खर्च कम होगा और घर में साफ ऊर्जा का उपयोग कर पाएंगे। यह योजना हमारे लिए बहुत फायदेमंद है।- अमित जिंदल, चंदन चौकी
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