घटनास्थल पर मिले बाघ के पगचिन्ह
निरीक्षण के दौरान घटनास्थल के पास गन्ने के खेत में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। डिप्टी रेंजर ने बताया कि घटनास्थल पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं, लेकिन मृतक के शरीर पर बाघ हमले के कोई निशान मौजूद नहीं है। इससे प्रतीत होता है कि वृद्ध की मौत बाघ को देख दहशत में हुई होगी। जबकि परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि वृद्ध की मौत बाघ के हमले में हुई है।
मोहम्मदी के रेंजर नरेश पाल सिंह का कहना है कि खेत में बाघ के पगचिह्न तो मिले हैं। लेकिन मृतक के शरीर पर हमले के कोई निशान नहीं मिले हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगा कि वृद्ध की मौत बाघ के हमले में हुई है। ग्रामीण की मौत बाघ के हमले में हुई या फिर बाघ को देख दहशत में हुई है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा।