धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल के प्रमुख चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में लगातार गैंडों के मरने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को पार्क में शिशु और एक नर समेत दो गैंडों का शव पाया गया है, जिससे पार्क प्रशासन में हड़कंप है। वहीं दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों की देखरेख के लिए विशेष दिशा निर्देश दुधवा प्रशासक ने जारी किए गए हैं।
नेपाल के सबसे बड़े और प्रसिद्ध चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में बीते छह माह से संकट के बादल छाए हुए हैं। यहां आए दिन गैंडों की मौत हो रही है। पार्क के सूचना अधिकारी लोकेंद्र अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पार्क के पुराना पदमपुर स्थित जंगली भैंसा प्रजनन क्षेत्र में एक शिशु गैंडा मृत अवस्था में मिला है। उसके शरीर पर किसी भी बाहरी हिस्से में चोट आदि के निशान नहीं हैं, जिससे ठंड से मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
चिकित्सक गैंडा शिशु की मौत के कारणों का पता कर रहे हैं। इसके अलावा डुमरिया वन क्षेत्र के जंगल में एक नर गैंडे का शव मिला है। सूचना अधिकारी ने बताया कि गैंडे की प्राकृतिक कारणों से ही मौत हुई है। दोनों गैंडों के सींग व नाखून सुरक्षित हैं। गैंडे के शव के सैंपल जांच के लिए वेटरनरी भेजे गए हैं।
यहां बता दें कि बीते छह माह में पार्क में कुल 22 गैंडों की मौत हो चुकी है। इसमें 18 गैंडे प्राकृतिक व चार गैंडे शिकारियों ने मारे हैं। पिछले साल भी 26 गैंडों की मौत हुई थी। नेपाल के वन और वातावरण मंत्रालय द्वारा गठित टीम भी पार्क में गैंडों की मौतों को लेकर छानबीन कर रही है।
नेपाल में हो रही गैंडों की मौतों के बाद दुधवा में अलर्ट
पलियाकलां। नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में गैंडों की मौत के बाद दुधवा नेशनल पार्क में भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि यहां पर लगातार गैंडों की निगरानी की जा रही है और ठंड से बचाव के प्रयास भी किए गए हैं। गैंडा पुनर्वास परियोजना फेज एक व दो में हाथियों से वनकर्मी गश्त कर गैंडों की निगरानी कर रहे हैं। डीडी खुद भी लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों की लगातार निगरानी की जा रही है। कोई भी दिक्कतें न आएं इसको लेकर वनकर्मियों को भी निर्देशित किया गया है। वह खुद भी लगातार नजर रखे हुए हैं।
- मनोज सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क