जिला सहकारी बैंकों में होने वाली चतुर्थ श्रेणी की भर्ती से ठीक पहले एआर कोआपरेटिव का लखनऊ तबादला कर दिया गया है। इनके स्थान पर पूर्व में जिले में रह चुके एआर कोआपरेटिव के नाम का आर्डर हुआ था, लेकिन उन्होंने खीरी आने से इनकार किया है। लिहाजा अभी जिले में किसी एआर कोआपरेटिव की तैनाती नहीं हो सकी है।
करीब डेढ़ साल पहले 26 दिसंबर 2013 को एआर कोआपरेटिव पद पर राजेश कुमार सिंह की तैनाती हुई थी। सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय से जिला सहकारी बैंक में होने वाली चतुर्थ श्रेणी के 59 पदों पर होने वाली भर्तियों को लेकर गोटियां बिछाई जा रही थीं। भर्ती बोर्ड में एआर कोआपरेटिव भी सदस्य हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर वह बोर्ड के अन्य सदस्यों की नजर में कांटे की तरह चुभ रहे थे। सूत्रों की माने तो बोर्ड के कुछ सदस्य अपनी मनमर्जी मुताबिक रिक्त पदों पर भर्तियां करना चाह रहे हैं, जिसमें आरके सिंह अड़ंगा लगा सकते थे। बताते चलें कि एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने कर्ज माफी योजना के तहत किसानों को माफ किए जाने वाले ऋण के मामले में मितौली स्थित भूमि विकास बैंक में घोटाला पकड़ा था, जिसके बाद तत्कालीन डीएम गौरव दयाल ने मितौली समेत पांच भूमि विकास बैंक शाखाओं में जांच बैठा दी थी, इसकी जांच भी अंतिम दौर में है।
एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने कहा कि हां, मेरा तबादला लखनऊ निदेशालय किया
गया है। एक मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को देने के
बाद रिलीव हो जाऊंगा।
पूर्व में तैनात अधिकारी ने किया इनकार
एआर कोआपरेटिव आरके सिंह के तबादले के बाद उनके स्थान पर पूर्व में तैनात रहे एआर कोआपरेटिव का नाम प्रस्तावित किया गया था। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने लखीमपुर आने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस कारण इस पद पर किसी की तैनाती नहीं हो सकी है। सोमवार को नए अधिकारी का नाम स्पष्ट होने के कयास लगाए जा रहे हैं।