देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिवस को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाते हुए जिला अधिवक्ता संघ में समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला मुख्यालय पर अतिरिक्त चैंबर्स की मंजूरी दिलाने पर सात अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही दिवंगत पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक शुक्ला के चित्र का अनावरण किया गया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष मिश्र की अध्यक्षता में जिले के वकीलों ने प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम एडीजे एके पांडेय ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके पद चिह्नों पर चलने के लिए अधिवक्ताओं का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष मिश्र ने कहा विधि व्यवसाय ही ऐसा है जिसमें हमें आजीविका संचालन के साथ ही सामाजिक सेवा करने का अवसर मिलता है।
महामंत्री हौसला प्रसाद वर्मा ने बताया जिला मुख्यालय पर 66 अतिरिक्त अधिवक्ता चैंबर्स निर्माणाधीन है जिनकी मंजूरी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक यादव, चंद्रमोहन वर्मा, हरजीत सिंह, इसरार अहमद, यदुवेंदु वर्मा, अनुपम वर्मा, रमाकांत दीक्षित को सम्मानित किया गया। साथ ही दिवंगत अधिवक्ता सरनाम सिंह यादव की सराहना करते हुए उन्हें भी मरणोपरांत सम्मानित किया। इस दौरान जिला अधिवक्ता संघ के चित्र का अनावरण कर उसे अधिवक्ता संघ की चित्र वीथिका में शामिल किया गया। कार्यक्रम को पूर्व अध्यक्ष राकेश मिश्र, योगेश सक्सेना, रामनरायन त्रिवेदी, श्रीकांत अवस्थी, अजय पांडेय सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
मितौली में भी आयोजन
तहसील मितौली में पहली बार आयोजित अधिवक्ता दिवस में तहसीलदार सुनील झा ने मुख्य अतिथि के रूप रूप में अपने संबोधन में कहा कि बार और बेंच के बीच समन्वय बना रहे तभी वादों के निपटारे हो सकते है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता दयाकृष्ण मिश्र, वीरेंद्र कुमार मिश्र, ओमप्रकाश मिश्र, रामऔतार दीक्षित, ओम प्रकाश, महादेव प्रसाद वर्मा तथा एल्डर कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र सिंह तोमर सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं को साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान मितौली इकाई के अध्यक्ष सतीशचंद्र मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरोज दीक्षित महामंत्री, राजीव वर्मा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, बरकत अली आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
मोहम्मदी में पांच अधिवक्ता सम्मानित
मोहम्मदी। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्मदिन अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया गया, इस मौके पर तहसील के वरिष्ठता क्रम में आ रहे पांच अधिवक्ताओं रामसेवक मिश्रा, वीपी सिंह, केके वाजपेयी, रामबाबू वाजपेयी और सतीश कुमार वाजपेयी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीजे एमजी मदार ने डॉ राजेंद्र प्रसाद का भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि हमें विरासत में अपने पूर्वजों से जो न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार मिला है उसे अक्षुण्य बनाए रखना है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश चंद्र दीक्षित, राम खिलावन मिश्रा, कैलाश चंद्र त्रिवेदी, वीरेंद्र नाथ गुप्ता, सुरेंद्र नाथ गुप्ता, बार एसो के अध्यक्ष विवेक शुक्ला, न्यायिक मजिस्ट्रेट पी के वर्मा के अलावा सम्मानित किए गए अधिवक्ता के के बाजपेई, सतीश वाजपेयी, वीपी सिंह, रामबाबू वाजपेयी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। बार एसोसिएशन के महामंत्री कुलदीप सिंह ने आभार जताया, संचालन वीपी सिंह ने किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक शुक्ला ने मुख्य अतिथि एडीजे श्री मदार को स्मृति चिह्न दिया।
प्रथम राष्ट्रपति को किया नमन
गोला गोकर्णनाथ। तहसील परिसर में गणतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। वकीलों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। तहसील परिसर में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मनाए गए अधिवक्ता दिवस पर मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार रामदेव निषाद सहित वकीलों ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय लोकतंत्र के नायक थे। जिन्होंने देश की आजादी से लेकर भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महती भूमिका निभाई। संचालन महामंत्री लालबहादुर सिंह यादव ने किया। इस मौके पर प्रदीप सिंह काजल, राजेश गिरि, सुनीता मिश्रा, हंसराम स्वर्णकार, हरिनाम वाजपेयी, चंद्रप्रकाश दीक्षित, शिवप्रकाश दीक्षित, सुरेश शर्मा, दयाशंकर त्रिवेदी, विमल श्रीवास्तव, सुरेशचंद कनौजिया, रामजीलाल दीक्षित, सत्यनरायन पांडे, विजय वर्मा आदि मौजूद रहे।