तीन साल पहले जब कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में पढ़ाई के लिए इन छात्राओं को इनके मां-बाप छोड़ने आए थे, तब भी यह रो रहीं थीं और आज जब कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी कर इन्हें घर जाना था, तब भी इनकी आखों में आंसू थे। अपनी बेटियों को स्कूल लेने पहुंचे अभिभावकों से उनकी टीचर ने वादा किया कि वह अब आगे की पढ़ाई भी कराएंगे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में आयोजित मोटीवेशन कैंप में सांस्कृतिक कार्यक्रम के बीच स्कूल से पासआउट हुईं छात्राओं को उनके परीक्षाफल बांटे गए। स्कूल में रहकर पढ़ाई के दौरान इन छात्राओं ने तालीम के साथ दुनियादारी भी सीखी। समय-समय पर शैक्षिक टूर के अलावा कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। सभी छात्राएं अपनी टीचर से दोबारा मिलने आने का वादा कर घर के लिए रवाना हो गईं।
उधर तीन दिवसीय आयोजित मोटीवेशन कैंप में छात्राओं की विदाई के साथ स्कूल में नए प्रवेश लेने आने वाली बेटियों को शामिल किया गया। इन छात्राओं को यहां तीन दिन तक रुककर स्कूल के माहौल को समझने का मौका मिल रहा है।