समाज में महिलाओं की भागीदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा के मुद्दे पर खुलकर बोलीं बेटियां
रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज में एसडीएम, तहसीलदार, स्त्री रोग विशेषज्ञ ने सुझाए समाधान
गोला गोकर्णनाथ। बेटियां शिक्षा को अपना हथियार बनाएं तो सफलता उनके कदम चूमेगी। समाज और देश को सशक्त बनाने के लिए बेटियों, महिलाओं का सशक्त होना आवश्यक है। यह बात डायट प्राचार्य जेपी मिश्रा ने रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज में कही।
मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत हुई कार्यशाला में मुख्य अतिथि एसडीएम अनुराग सिंह, तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. यामिनी बादल के समक्ष छात्राओं ने समाज में महिलाओं की भागीदारी, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, मूल अधिकारों जैसे मुद्दों पर विचार रखें। बेटियों को बोलता देखकर अधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए उठाए गए प्रत्येक मुद्दे का समाधान सुझाया। संचालन प्रशांत ने किया। कार्यशाला में प्रधानाचार्य सर्वेश वर्मा, प्रबंधक संजय वर्मा, लेखपाल सपना त्रिपाठी, निधि कश्यप ने भी विचार रखे।
शिक्षित महिलाएं उठाएं अन्याय के खिलाफ आवाज
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के मामलों में महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है। शिक्षित महिलाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
- अंशु भारती
महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में बढ़-चढ़कर अपने दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। आज महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्हें सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।
- आकांक्षा देवी।
परिवार के उत्थान में शिक्षित आत्मनिर्भर महिलाओं का विशेष योगदान है। लड़कियों की पढ़ाई पर बेहतर प्रयास की आवश्यकता है।
- सोनी यादव
जिस समाज या देश में महिलाओं का सम्मान होता है वही आगे बढ़ता है, लेकिन हो रहे महिला अपराध मन विचलित कर देते हैं।
- साक्षी पांडे
शिक्षित समाज में लड़का-लड़की का भेद नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कानून का दायरा बढ़ाना होगा।
- आश्रुति दीक्षित
अतिथि बोले, बेटियों को सशक्त बनने की जरूरत
सफलता के साथ प्रतिरोध भी बढ़ता जाता है, लेकिन हमें इस प्रतिरोध से घबराना नहीं है। जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि एक अच्छा मनुष्य बनना है। बेटियों को सशक्त बनने की जरूरत है क्योंकि दुनिया उसी को सलाम करती है जो सशक्त है।
- जेपी मिश्रा, डायट प्राचार्य
बेटियों को अपने मूल अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। अक्सर देखा गया है कि महिलाएं ही महिलाओं की शत्रु बन जाती हैं। इस सोच को बदलने की जरूरत है। महिलाओं की सहभागिता बराबरी की होनी चाहिए। इसलिए महिलाओं का आरक्षण 50% किए जाने की आवश्यकता है।
- अनुराग सिंह, एसडीएम गोला
प्रत्येक क्षेत्र में यहां तक कि अंतरिक्ष में भी बेटियां परचम लहरा चुकी हैं। महिलाएं अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति पुरुषों से अधिक जागरूक और समर्पित हैं। देश और समाज को सशक्त बनाने में महिला सशक्तिकरण का विशेष योगदान है।
- विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार
छात्राओं को अपनी पढ़ाई के साथ साथ स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहने की आवश्यकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, आयु के साथ होने वाले शारीरिक बदलाव के समय पर चिकित्सकीय परामर्श भी लेती रहें।
- डॉ. यामिनी बादल, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सीएचसी गोला