मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुहूर्त में मौन रखकर स्नान कर दान पुण्य किया। पौराणिक शिव मंदिर पर ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, गोकर्णतीर्थ में स्नान कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया और तीर्थ तट पर सत्यनारायण की कथा सुन पुण्य कमाया।
मौनी अमावस्या पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने गोकर्णतीर्थ में स्नान कर, भगवान शिव का अभिषेक किया। पूरा मंदिर परिसर जयकारों, घंटा निनाद से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन करने के बाद तीर्थतट पर सत्यनारायण की कथा सुनी और अन्न, तिल के लड्डू दान किए।
मौनी अमावस्या पर नगर और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। बारिश हल्की होते ही श्रद्धालुओं के दल के दल मंदिर की ओर चल दिए जिससे मंदिर के मुख्य मार्ग और गली में काफी भीड़ बनी रही। मंदिर परिसर में पुलिस कर्मी न होने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।