मैलानी-लखनऊ के बीच विद्युतीकरण होने के बाद रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है। आने वाले दिनों में नई समय सारिणी जारी होने पर मैलानी से लखनऊ के बीच 195 किमी का सफर पहले से कम समय में पूरा होगा।कोच स्टेटस गलत दिखने पर परेशान होते हैं यात्रीमैलानी। रूट के बीच में सिर्फ दो मिनट का स्टॉपेज होता है, जिससे स्टेशन पर आगे खड़े यात्रियों को पीछे के साधारण कोच तक पहुंचने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे अक्सर यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है तो कभी-कभी हादसे की भी आशंका रहती है।
मैलानी। मैलानी-लखनऊ के बीच विद्युतीकरण होने के बाद रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है। इससे जल्द ही मैलानी से लखनऊ के बीच का सफर पहले से कम समय में तय होगा।
आमान परिवर्तन और फिर विद्युतीकरण के बाद मैलानी-लखनऊ रूट पर 17 सितंबर को पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू हुुआ था और चरणबद्घ तरीके से 19 सितंबर से सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलने लगी थीं, लेकिन ट्रेनों की गति 100 किमी ही निर्धारित थी। हाल ही में रेल प्रशासन ने डालीगंज से मैलानी के बीच ट्रेनों की गति बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दी है। इससे आने वाले समय में मैलानी से लखनऊ का सफर पहले की अपेक्षा कम समय में तय होगा। चूंकि अभी ट्रेनें पुरानी समय सारिणी के मुताबिक ही चल रही हैं, लिहाजा अभी यात्रियों को बढ़ी हुई स्पीड का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आने वाले दिनों में नई समय सारिणी जारी होने पर मैलानी से लखनऊ के बीच 195 किमी का सफर पहले से कम समय में पूरा होगा।
कोच स्टेटस गलत दिखने पर परेशान होते हैं यात्री
मैलानी। मैलानी-गोरखपुर-मैलानी एक्सप्रेस की रैक संरचना का स्टेटस गलत दिखाई देता है, जिससे यात्री अक्सर आगे-पीछे भागते नजर आते हैं। गोरखपुर से चलने वाली ट्रेन में साधारण कोच आगे होते हैं, बाद में लखनऊ से इनकी स्थिति बदलकर पीछे हो जाती है, लेकिन मोबाइल पर यह आगे प्रदर्शित होते हैं। रूट के बीच में सिर्फ दो मिनट का स्टॉपेज होता है, जिससे स्टेशन पर आगे खड़े यात्रियों को पीछे के साधारण कोच तक पहुंचने के लिए दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे अक्सर यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है तो कभी-कभी हादसे की भी आशंका रहती है। यात्रियों ने कोच का लाइव स्टेटस अपडेट दिखाने की मांग की है। संवाद