बरतें सावधानी, नहीं होगी परेशानी
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। लुभावने और धन दोगुना करने वालों के झांसे में न आएं। लालच में फंसे तो साइबर ठग आपका खाता खाली कर देंगे। अपनी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता बरतनी होगी। व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी से किसी भी साझा न करें। व्हाट्सएप और संदेश में आने वाले लिंक न खोले। आपकी सतर्कता ही बचाव है।
इन तरीकों से चूना लगाते हैं साइबर ठग
- घर की छत या खाली प्लाट में मोबाइल टावर लगवाने का संदेश भेजा जाता है। जरूरी कागज तैयार कराने के नाम पर रुपये ठगे जाते हैं।
- लाटरी में लाखों रुपये जीतने का संदेश भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। टैक्स व कागज बनवाने के नाम पर रुपये मांगते हैं।
- फेसबुक पर किसी लड़की या महिला की फोटो लगाकर आइडी बनाते हैं। दोस्त बनाकर मैसेंजर पर काल करते हैं। बाद में अश्लील वीडियो भेजकर वायरल करने की धमकी दी जाती है।
- टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर रुपये डबल करने, एक दिन में लाखों की कमाई का लालच देकर ठगी करने का नया तरीका भी सामने आया है।
जागरूकता है साइबर ठगी से बचाव
- कॉल या मेसेज पर किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स, एटीएम नंबर, सीवीवी, पिन व ओटीपी साझा न करें।
- कॉल पर खुद को बैंक कर्मी या कोई अन्य सरकारी कर्मी बताकर रुपये भेजने को कहा जाए तो सावधानी बरतें।
- फ्री इंटरनेट डाटा, रिचार्ज व अन्य लुभावने संदेश वाले लिंक खोलने से बचें। अज्ञात आनलाइन क्यूआर कोड को स्कैन न करें।
- सरकारी योजनाओं के नाम पर सब्सिडी देने वाले विज्ञापन पर भरोसा न करें। केवाईसी अपडेट करने वाले संदेशों व लिंक को खोलने से बचें।
बोले प्रभारी- नहीं है जानकारी
जिले का साइबर सेल कितना सजग है, इसकी तस्दीक सेल के प्रभारी कोई जानकारी न होने की बात कह कर रहे हैं। जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि प्रत्येक बुधवार को सर्किलवार जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। कितने मामलों में पीड़ितों को राहत मिली है, यह जानकारी साइबर सेल में तैनात आरक्षी परीक्षित दे सकते हैं। सब जानकारी उसके पास ही रहती है।