राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी के दौरे के वक्त भी इनकी शिकायत की गई थी। हालांकि, उस वक्त चुनाव की वजह से सभी ने मामले पर मिट्टी डालने की कोशिश की लेकिन सूत्र बताते हैं कि अब सबकी रिपोर्ट तैयार कर पार्टी आलाकमान को भेजी जाएगी।
सपा प्रत्याशी को भी भितरघात का दर्द
अपनी जीत का दम भरने वाले सपा प्रत्याशी रमा मोहन वाजपेई के पति मोहन वाजपेई को भी भितरघात का दर्द साल रहा है। उन्होंने अपनी हार की समीक्षा करते हुए कहा कि सपा के कैडर वोट मुस्लिम मतदाता को लेकर वह अति आत्मविश्वास में थे, जिसे वह नहीं संभाल सके।
उधर, भाजपा की तरह उन्होंने ही सपा के एक बड़े नेता पर भितरघात का आरोप लगाया। कहा कि उन्होंने सजातीय और मुस्लिम वोटों को भाजपा व निर्दलीय प्रत्याशी ओर डायवर्ट किया। कहा कि इस बात को वह पार्टी में ऊपर तक ले जाएंगे और भितरघात करने वालों के मंसूबे नहीं पूरे होने देंगे। हालांकि, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामपाल यादव का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है।
भितरघातियों की बन रही रिपोर्ट
भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि भाजपा ने 75 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की है। पलिया और गोला के अलावा मैलानी की सीट भी इस बार भाजपा की झोली में आयी है। सदर सीट पर भी प्रत्याशी को जिताने के लिए काफी मेहनत की गयी थी। भितरघातियों की सूची बनाई जा रही है। आलाकमान को उनकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
'कम मतदान होने के चलते हारे'
लखीमपुर में दूसरे नंबर पर आने वाली सपा के जिलाध्यक्ष रामपाल यादव ने बताया कि कम मतदान होने की वजह से सीट हाथ से निकल गई। 25 हजार की उम्मीद थी मगर 22 हजार वोट मिला। वहीं, भितरघात की बात पर कहा कि अगर ऐसा कुछ था, तो उन्हें हमसे बताना चाहिए था। साक्ष्य समेत ऐसी कोई बात है, तो आलाकमान को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बसपा अपने ही बूथ पर हार गई
बसपा प्रत्याशी अंजू मिश्रा को पिछली बार के मुकाबले भी वोट हासिल नहीं हुए। अपने ही वार्ड कपूरथला में वह हार गईं। हार की समीक्षा कर कहा कि जनता का निर्णय स्वीकार है। जनता का रुझान बताता है कि उसे साफ सुथरे बेदाग छवि वाले लोग पसंद नहीं।