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Lakhimpur Kheri News: कटान तेज... आठ गांव शारदा नदी के निशाने पर

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पलिया के मझौरा से इमलिया जाने वाले पर पानी कम होने के बाद गुजरते वाहन व खड़ी नाव।
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महेवागंज/ लखीमपुर। फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी में उफान कम होते ही भू कटान में तेजी आ गई है। लहलहाती धान और गन्ने की सैकड़ों एकड़ फसलें निगलती हुई शारदा नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। सदर तहसील के धोबियाना, पकरियापुरवा, जंगल न. 10, शंकरपुरवा, बेचनपुरवा, नैनपुरवा, चिकुरीपुरवा गांव निशाने पर हैं। वहीं, निघासन के गांव ग्रंट 12 में भी नदी कहर बरपा रही है। ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है।
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कटान रोकने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कचहरी पहुंचे और डीएम को ज्ञापन देकर जियो ट्यूब लगाकर कटान रुकवाने की गुजारिश की। इससे पहले ग्रामीण श्रीनगर विधायक से मिले। विधायक मंजू त्यागी ने भी डीएम को पत्र लिखकर समय रहते समस्या का निदान कराने को कहा है। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है पिछले काफी समय से नदी कहर ढा रही है।
अहिराना गांव उजड़ चुका है। प्रशासन ने सिर ढकने भर की जगह दी। आज भी हम फरियादियों को सिर्फ रहने भर की जमीन देने का आश्वासन दिया गया, जबकि खेती से परिवार चलता था और वही आजीविका का साधन था। ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया।
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गांव का रास्ता भी कटान की जद में

सुंदरवल। शारदा नदी कटान कर जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, ग्रामीणों की धडकनें तेज हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी शंकरपुरवा, धोबियाना और पकरियापुरवा गांव के तिराहे के करीब पहुंच गई है। दोनों ओर से रास्ता भी अवरुद्ध होने का खतरा बना है। कहा अगर समय रहते कटान रोकने के उपाय न हुए, तो इन गांवों का हाल भी अहिराना जैसा हो सकता है। संवाद


जमीन और फसल नदी में, अब आबादी में खतरा

महेवागंज। कमलेश, राजकुमार, रामऔतार, किशोरी, मुन्ना राजभर, हरिशंकर सहित कई किसानों के खेत लगातार कट रहे हैं। वही जंगल नं. दस निवासी सुन्दर, करता, लौंगश्री, ओमप्रकाश, परसराम, शत्रोहन, श्यामू के गन्ने की फसल नदी ने बर्बाद कर दी। नदी अब धोबियाना, शंकरपुरवा और पकरियापुरवा आबादी से करीब दो सौ मीटर दूर है। इन गांवों के तीन सौ घरों के बाशिंदों की नींद उड़ गई है। धोबियाना गांव के कुछ लोग सामान भरकर पलायन करने की कोशिश में है। संवाद

बाढ़ ने तबाही के छोड़े निशान
पिछले दो माह से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। नदी में उफान होने से तटबंध के अंदर बसे गांव में बाढ़ ने कहर ढाया। तेज धार में कई रास्ते कट गए। पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। नाव से आवागमन हुआ। मंगलवार को बाढ़ का पानी उतरा, तो तबाही के निशान दिखाई दिए। श्रीनगर के सामने उत्तर की ओर रपटा पुल के पास रास्ते की क्षतिग्रस्त तस्वीर सामने आई।
आजादनगर व बर्बादनगर में नदी करने लगी कटान

पलियाकलां। शारदा नदी का जलस्तर गिरने के बाद अब नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। नदी से सटे आजादनगर व बर्बादनगर गांव में नदी ने तेजी से कटान करना शुरू कर दिया है। श्रीनगर गांव के भारी संख्या में ग्रामीणों की खेतिहर जमीनें इन दोनों गांवों में पड़ती हैं। खेतिहर जमीनों को नदी ने काटकर अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद जहां बाढ़ का खतरा रहता है। वहीं, कम होने के बाद नदी तेजी से कटान करना शुरू कर देती है। मझौरा से इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर पानी कम होने के बाद इस रोड से चारपहिया वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। बाइक सवारों के लिए यहां नाव लगी रही। जिन ग्रामीणों ने इस रोड से निकलना उचित नहीं समझा, वह भीरा, मनमीतनगर होते हुए इमलिया फार्म समेत उधर पड़ने वाले गांवों को पहुंचे। संवाद

पलिया के मझौरा से इमलिया जाने वाले पर पानी कम होने के बाद गुजरते वाहन व खड़ी नाव।

पलिया के मझौरा से इमलिया जाने वाले पर पानी कम होने के बाद गुजरते वाहन व खड़ी नाव।

पलिया के मझौरा से इमलिया जाने वाले पर पानी कम होने के बाद गुजरते वाहन व खड़ी नाव।

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