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सोमवती अमावस्या आज, शिव पूजा से मिलती है काल सर्प दोष से मुक्ति

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गोला गोकर्णनाथ। इस वर्ष सावन माह में कई अद्भुत संयोग बने हैं। जहां पांच सोमवार हैं वहीं 20 वर्ष बाद हरियाली सोमवती अमावस्या पड़ रही है साथ ही 47 वर्ष बाद अमावस्या और पूर्णिमा, सावन का प्रारंभ और समापन सोमवार को हो है। सोमवती अमावस्या पर शिव आराधना से काल सर्प दोष का निवारण होता है। यह और बात है कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सोमवार को मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। ऐसे में मोहल्लों के शिवालयों और घर पर ही भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करनी पड़ेगी।
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ज्योतिषाचार्य पं रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि सावन की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस बार 20 वर्ष बाद हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या एक ही दिन 20 जुलाई को मनाई जाएगी। इससे पूर्व सन 2000 में सोमवती और हरियाली अमावस्या एक ही दिन पड़ीं थीं। वहीं सावन सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही समाप्त हो रहा है। तीन अगस्त तक चलने वाले सावन मास में पांच सोमवार का विशिष्ट योग भी बना है।
श्री शास्त्री के अनुसार इस बार सावन में सोमवती अमावस्या और सोमवती पूर्णिमा का संयोग 47 वर्ष बाद बना है।
श्रावण सोमवती/हरियाली अमावस्या मुहूर्त
19 जुलाई की रात 11:05 शुरू, 20 जुलाई की रात 10:33 पर समाप्त
मछलियों को आठा खिलाना शुभ
हरियाली अमावस्या के दिन नदी, सरोवर पर जाकर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना बड़ा ही फलदायी है। अपने घर के पास चींटियों को चीनी या सूखा आटा खिलाएं।
पूजा-विधान
सोमवती अमावस्या को पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध रस्मों को करना उपयुक्त माना जाता है। साथ ही कालसर्प दोष निवारण के अनुष्ठान के लिए भी अमावस्या का दिन खास होता है। सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अखंड सौभाग्य के लिए पीपल के वृक्ष का पूजन करती हैं। हरियाली अमावस्या पर पीपल, बरगद, केला, नींबू, तुलसी आदि का पौधरोपण करना शुभ माना जाता है। क्योंकि इन वृक्षों में देवताओं का वास माना जाता है।
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2023 में पुन: बनेगा संयोग
पं रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2000 में 31 जुलाई को सोमवती अमावस्या पड़ी थी और अगली बार 17 जुलाई वर्ष 2023 में पुरषोत्तम मास के साथ सोमवती अमवस्या पड़ेगी।
बंद रहेंगे कपाट, घर पर करें शिव की आराधना और अभिषेक
पौराणिक शिव मंदिर के प्रधान पुजारी पं दिनेशचंद्र मिश्र, मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि, एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोमवार को शिव मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। शिव भक्त, श्रद्धालु घर पर या नजदीक के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की आराधना, अभिषेक करें।
गोकर्ण तीर्थ का जल निकलवाया
इधर कई दिनों से हो रही बरसात से गोकर्ण तीर्थ में पुन: पानी भर गया था। कोरोना संक्रमण काल में कोई श्रद्धालु स्नान न करे। इस लिए बचाव को देखते हुए पंपसेट से तीर्थ का जल निकलवाया जा रहा है।
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