ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते यात्री
लखीमपुर खीरी। मैलानी से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या के सापेक्ष डिब्बे कम पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत शाम को लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस में होती हैं, क्योंकि दो जनरल बोगी कम पड़ जाने से जनरल टिकट लेकर यात्री एसी से लेकर स्लीपर कोच में घुस जाते हैं। इससे वीआईपी यात्रा करने वाले मुसाफिरों को लखनऊ खासकर सीतापुर तक कष्टकारी सफर करना पड़ता है।
जिलेवासी कम किराए में आरामदायक यात्रा का सपना देख रहे थे, जो सपना ही बनकर रह गया है। कुछ दिन तक हालात बेहतर रहे, लेकिन रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के चलते सुविधाजनक सफर कष्टकारी बन गया है। रेलवे ने पैसेंजर से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों में डिब्बे कम कर दिए हैंं। इससे सुबह से लेकर दोपहर और शाम को लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस ट्रेन में जमकर भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि डिब्बे कम होने की वजह से यात्री रोजाना मुसीबत भरा सफर करने के लिए मजबूर हैंं।
स्थित यह है कि दोपहर में लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन से लेकर गोमती एक्सप्रेस ट्रेन में घुसने से लेकर सीट पाने के लिए मुसाफिरों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। ऐसे में तमाम यात्री ट्रेनों में बैठने से भी वंचित रह जाते हैं। रविवार को मैलानी से डॉलीगंज तक दोपहर में जाने वाली पैसेंजर ट्रेन और शाम को जाने वाली गोमती एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों के बीच सीट पाने से लेकर डिब्बे में घुसने को लेकर आपाधापी मची रही।
पैसेंजर में चार और एक्सप्रेस में कम हो गए दो डिब्बे
विभागीय लोग बताते हैं कि ऐशबाग मैलानी रेलखंड पर ट्रेन संचालन शुरू होने पर पैसेंजर ट्रेन में 13 व गोमती एक्सप्रेस में जनरल यात्रियों के लिए दो डिब्बे आगे और दो पीछे लगते थे। समय बीतने के साथ पैसेंजर ट्रेन में इस समय नौ डिब्बे लग रहे हैं और गोमती एक्सप्रेस में सिर्फ दो डिब्बे पीछे लगते हैं। जबकि यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को सीट पाने से लेकर डिब्बों में घुसने तक के लिए मारामारी करनी पड़ती है।
ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते यात्री