लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य केस की सुनवाई बुधवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में हुई। इसमें अभियोजन पक्ष ने 46वें गवाह के रूप में तत्कालीन डीएम अरविंद चौरसिया के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज कराए। उनसे बचाव पक्ष ने जिरह शुरू की, जो पूरी नहीं हो पाई। इसके चलते कोर्ट ने 14 मई को भी सुनवाई जारी रखने के आदेश दिए हैं।
तीन अक्तूबर 2021 को तिकुनिया में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पहला केस चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या का दर्ज हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया गया। दूसरा केस भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में किसानों पर दर्ज कराया गया था।
तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य केस में अभियोजन पक्ष अभी तक 45 गवाहों को पेश कर चुका है। बुधवार को अभियोजन ने 46वें गवाह के रूप में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद चौरसिया के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज कराए। हालांकि बुधवार को बचाव पक्ष की जिरह पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते जिला जज शिवकुमार सिंह ने अगली सुनवाई के 14 मई की तिथि मुकर्रर की है। संवाद