फरधान। करोड़ों रुपये खर्च होने और वर्षों के इंतजार के बाद भी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। रोजाना जाम तो लगता ही है। काम कर रहे मजदूरों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना भी खतरा है।
पीलीभीत-बस्ती नेशनल हाईवे पर रेलवे क्राॅसिंग पर फरवरी 2021 में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था। इसे मई 2022 तक पूरा हो जाना चाहिए था। शुरू में कोरोना काल की वजह से लाॅकडाउन लगा रहा था। इसके चलते कुछ समय के लिए रुकावट हुई। हालांकि, लॉकडाउन पूर्ण रूप से खत्म होने की बाद भी काम की रफ्तार धीमी ही रही।
नहर पुल से पुनीत तिवारी की दुकान तक 1350 मीटर ओवरब्रिज बनना है। इसमें 900 मीटर दूरी तक दीवार खड़ी करके रेलवे क्राॅसिंग पर दोनों तरफ दो-दो खंभे लगाए जाने थे। फरवरी 2024 में तीन वर्ष पूरे हो गए, फिर भी निर्माण अधूरा ही है।
उपमार्ग का निर्माण भी अधूरा
निर्मण विजय कंस्ट्रक्शंस कंपनी करा रही है। ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से में अभी कई काम बाकी हैं। नीचे दोनों तरफ उप मार्ग का काम भी अधूरा है। उप मार्ग पथरीला होने की वजह से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। घने कोहरे में हादसे का डर बना रहता है। पुल के पास से आवागमन के लिए इस्तेमाल होने वाली सड़क संकरी रहने से जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर हालात और बिगड़ जाते हैं। घंटों जाम लगा रहता है। सबसे अधिक खामियाजा सीएचसी फरधान जाने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है।
क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है यह सड़क
कस्बे के व्यापारी पुनीत तिवारी, विजय वर्मा, शिवपूजन गुप्ता, अनिल तिवारी का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज बनने में देरी की वजह से व्यापार पर असर पड़ रहा है। ग्राहकों को दुकानों तक आने में काफी दिक्कतें होती हैं। यह नेशनल हाईवे की सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफ लाइन से कम नहीं है। रोजाना लगने वाले जाम से ग्राहक कम होते जा रहे हैं।
फरधान में रेलवे लाइन के पास वर्षो से अधूरा पड़ा ओवरब्रिज। संवाद