निघासन। शारदा की बाढ़ ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें डूबकर नष्ट हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है, वहीं गन्ना और केले की खेती भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
पुरैना के किसान अन्नू चौहान ने बताया कि उन्होंने आठ बीघा में धान लगाया था, लेकिन बाढ़ से सारी फसल नष्ट हो गई। अब केवल डंठल ही बचे हैं। इसी गांव की बीना चौहान ने कहा कि बड़ी उम्मीद से पांच बीघा में धान लगाया था, लेकिन बाढ़ ने सारी मेहनत चौपट कर दी। किसान राममूर्ति और मोले का भी यही हाल है।
मोले ने सात बीघा खेत में धान लगाया था, लेकिन अब उसमें कुछ नहीं बचा। इस बाबत तहसीलदार मुकेश वर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल से नुकसान का आकलन कराया जाएगा। किसानों को राहत स्वरूप मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टार्ट बटन दबाकर जल शक्ति मंत्री ने परखी गेट संचालन की व्यवस्था
- शारदा बैराज की क्षमता और स्काडा सिस्टम की जानी बारीकियां
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग के साथ शारदा बैराज पहुंचे। मंत्री ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल व एसपी संकल्प शर्मा सहित विभागीय अफसरों के साथ बैराज शारदा बैराज, शारदा पोषक नहर, हेड रेगुलेटर, यांत्रिक संयंत्रों एवं स्वचालन कार्यों को देखा।
बैराज के गेट संख्या 18 एवं 19 को स्टार्ट बटन दबाकर संचालन की प्रक्रिया देखी। यांत्रिकी अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि शारदा बैराज में 20 गेट हैं, जिनकी क्षमता लगभग 4,02,000 क्यूसेक है। वर्ष 2008 में बैराज से अधिकतम 3,94,752 क्यूसेक प्रवाह दर्ज किया गया था। सभी गेट स्काडा प्रणाली से स्वचालित हैं। जरूरत पड़ने पर मैनुअल संचालन की सुविधा भी है।
बैराज की दाहिनी ओर स्थित शारदा सहायक पोषक नहर की क्षमता 27,000 क्यूसेक है, जिससे प्रदेश के 18 जनपद लाभान्वित होते हैं। इसके बाद मंत्री ने बाढ़ व कटान की परियोजनाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विधायक योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, अमन गिरि, सिंचाई विभाग के एचओडी संदीप कुमार, मुख्य अभियंता प्रभाकर प्रसाद, उपेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नीलेश जैन, धर्मेंद्र कुमार, लवकुश सिंह, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
तमोलिनपुरवा बांध की कराई मरम्मत की व्यवस्था
निघासन। क्षेत्र के दर्जनों गांवों को बाढ़ से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाला तमोलिनपुरवा बांध एक बार फिर चर्चा में है। यह बांध वर्षों पहले बनाया गया था। इसने लंबे समय तक ग्रामीणों को बाढ़ से सुरक्षा दी।
हाल ही में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे हल्की बाढ़ जैसे हालात बने। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने बांध को काट दिया, जिससे पानी का प्रवाह तेज हो गया और कई गांव खतरे की जद में आ गए। हालांकि समय रहते ग्रामीणों को कटान की जानकारी मिल गई और प्रधान प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने बोरियां डालकर बांध को बंदकर बड़ी तबाही को टाल दिया।
हस्पतिवार को ग्रामीणों की सूचना पर भाजपा नेता राज राजेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बोरियों की कमी से बांध को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सका। इस पर राजेश्वर सिंह ने तत्काल निजी संसाधनों से बोरियों की व्यवस्था कर लालपुर प्रधान को सौंपी। संवाद
शारदा की बाढ़ से बर्बाद हुई मूले चौहान के धान की फसल। संवाद