पलियाकला (लखीमपुर खीरी) के मरौंचा गांव में रविवार को मगरमच्छ पकड़े जाने के बाद लगी भीड़। संवाद
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। गांव मरौंचा में गांव किनारे एक तालाब से निकला विशालकाय मगरमच्छ कुछ दूरी पर स्थित एक ग्रामीण के घर में शनिवार रात तो घुस गया। आवाज सुनकर ग्रामीण जाग गया और मगरमच्छ को खदेड़ने का प्रयास किया। जिस पर वह शौचालय में घुस गया और रातभर वहीं बैठा रहा। सुबह पहुंचे वनकर्मी कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ सके। बाद में उसे सुहेली नदी में छोड़ा गया।
शारदा नदी की बाढ़ से नदी, नालों व तालाबों में काफी पानी भर गया है। इसी में मरौंचा गांव के किनारे स्थित तालाब में भी काफी पानी आ गया है, जिसमें कहीं से एक विशालकाय मगरमच्छ आ गया। रात करीब 12 बजे तालाब से निकला मगरमच्छ कुछ दूरी पर स्थित अयूब के घर में घुस गया और मवेशियों पर हमला दिया। पशुओं के चिल्लाने पर घर वाले जागे तो मगरमच्छ देख उनके होश उड़ गए। घर वालों ने मगरमच्छ को लाठी-डंडों से खदेड़ने की जब कोशिश की तो वह शौचालय में घुस गया। जिसपर अयूब ने गेट पर बाहर से कुंडी लगाकर वन विभाग को सूचना दी। रात में आने की बात कहने के बाद भी वनकर्मी नहीं पहुंचे। जिससे अयूब और उसके परिजन ने पूरी रात जागकर गुजारी। सुबह करीब नौ बजे वन विभाग की टीम आई और कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को कब्जे में लिया। उसको सुहेली नदी में छोड़ा गया है। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
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जंगली हाथियों ने रौंदी तीन एकड़ फसल
सिंगाही। दुधवा जंगल से आए जंगली हाथियों के झुंड ने नौरंगाबाद टापर फार्म में जमकर उत्पात मचाया। झुंड ने तीन एकड़ धान और गन्ने की फसल को रौंदकर नष्ट कर दी।
टापर फार्म निवासी सतनाम सिंह, परमिंदर सिंह ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां वन रेंज की बथुआ वनबीट जंगल के किनारे उनके खेत हैं। शनिवार रात करीब एक बजे वह लोग अपने घर आ गए। इसी बीच जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने खेत में लगी धान और गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। रविवार सुबह आकर देखा तो पूरी फसल चौपट थी। उन्होंने मुआवजे की मांग की है। संवाद