आम तोड़ने से मना करने पर नाराज हमलावरों ने बाग की रखवाली कर रहे एक युवक को गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे निघासन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने इस मामले में आरोपियों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
अंतरवेद जंगल में आम और कटहल का बड़ा बाग है। इसी जंगल में एक मंदिर और आश्रम भी बना हुआ है। इस आश्रम और बाग के स्वामी महंत गोकुल दास उर्फ राजू बाबा हैं। राजू ने बाग को ठेके पर मोहम्मदी निवासी सलीम को दिया था। सलीम ने बाग रखवाली के लिए कई लोगों को लगा रखा है। शुक्रवार दोपहर पड़ोसी गांव मुन्नालाल पुरवा के कुछ बच्चे बाग में घुस गए और पेड़ के नीचे पड़े आम बीनने के साथ ही आम तोड़ने लगे। यह देखकर बाग की रखवाली कर रहे कस्बा निवासी 30 वर्षीय दीपेश ने बच्चों को डांट-फटकार कर भगा दिया। घर जाकर बच्चों ने दीपेश पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए परिवारवालों से शिकायत की। इससे नाराज परिवारीजन लाठी-डंडों से लैस होकर बाग पहुंचे। वहां पर मौजूद दीपेश ने जब विरोध करना शुरू किया तो हमलावरों ने उससे गाली-गलौज की और पिटाई करने लगे। इसी बीच एक हमलावर ने दीपेश के पैर में गोली मार दी। जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। सूचना पाकर पहुंचे महंत राजू बाबा और ठेकेदार सलीम ने पुलिस को सूचना दी और आनन-फानन में दीपेश को जिला अस्पताल भिजवाया। यहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। डॉ. अमित सिंह ने आशंका जताई कि अत्यधिक खून बहने से दीपेश की मौत हुई है। शव को मोरचरी में रखवा दिया गया है। इधर दीपेश को गोली मारे जाने की सूचना के काफी समय बाद घटनास्थल पर पहुंचे पढुआ चौकी इंचार्ज एमआर बेग ने मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि परिवारवालों की तरफ से तहरीर मिली है और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।