चौकी क्षेत्र के गांव शंकरपुर में शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने गांव के ही कुछ लोगों पर पिटाई का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर निवासी सुंदरलाल का 42 वर्षीय पुत्र बलराम पासी गुरुवार को झोपड़ी में सोया हुआ था सुबह मृत मिला। मृतक की पत्नी रामादेवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है गुरुवार शाम को उसके पति बलराम ने शराब के नशे में ग्राम प्रधान के पति को अपशब्द कहे थे। इसके बाद प्रधान के पति के तीन भाई बलराम को घर से खींच ले गए तथा उसकी पिटाई की। रामादेवी ने बताया कि उसने पति को छोड़ने की बहुत गुहार की लेकिन उन लोगों ने नहीं छोड़ा। शुक्रवार सुबह घर के बाहर बलराम मृत मिला। आरोप है कि मृत्यु बाद आरोपी उसका शव घर के बाहर डाल गए थे। रामादेवी ने बताया कि पति बलराम की आंख के पास चोट थी। सूचना पाकर चौकी प्रभारी रामसिंह पवार मौके पर पहुंच गए। चौकी प्रभारी ने बताया कि मृतक के शरीर पर कहीं गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। उधर इस बाबत ग्राम प्रधान उमादेवी के पति श्रीकांत ने बताया कि गुरुवार शाम बलराम गाली गलौज कर रहा था, जिस पर गांव के लोग उसे पकड़कर घर छोड़ आए थे। इसके बाद उसकी मौत की जानकारी उन्हें सुबह हुई।
--
अनाथ हो गए बलराम के चार बच्चे
उचौलिया। गांव शंकरपुर में बलराम की मौत के बाद उसके परिवार में पत्नी और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। चार छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। बलराम के चार बच्चों में सबसे बड़ा ज्ञानप्रकाश अभी 12 साल का है। उससे छोटा शिवशरण और फिर अनंत कुमार है। सबसे छोटी दो साल की लड़की है। बलराम अपने घर में अकेला कमाने वाला था। मेहनत मजदूरी करके वह अपना और परिवार का पेट पालता था। नशे का आदी बलराम कच्ची शराब का आदी था। गुरुवार शाम को विवाद होने के बाद बलराम कमरे के बाहर झोपड़ी में ही लेट गया सुबह उसका शव मिला।