कोतवाली क्षेत्र के गांव भूड़ा पिपरी के एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस के रिपोर्ट न लिखने पर विरोध में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया, रामलीला गेट पर जाम लगाया। पुलिस ने जब रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन किया तभी जाम खुल सका।
गांव भूड़ा पिपरी निवासी तौलेराम ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसका 23 वर्षीय पुत्र बलस्टर भंगेली निवासी ज्ञान सिंह की कंबाइन पर हेल्पर का काम करता था, वह कंबाइन के साथ बाहर गया था। रविवार सुबह 10 बजे ज्ञान सिंह और अन्य लोग उसके पुत्र की लाश दरवाजे पर छोड़कर चले गए। तौलेराम ने बताया कि उसके पुत्र का सर फटा था, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उस पर लोहे की राड से प्रहार किया गया हो। उसके शरीर के बाएं अंगों पर चोटें थीं तथा उसकी जीभ कटी हुई थी। तौलेराम ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई। जब वह मोहम्मदी रिपोर्ट लिखाने गया तो पुलिस ने उसे भगा दिया। पुलिस के इस रवैए से नाराज ग्रामीणों ने रामलीला गेट पर जाम लगा दिया। जिससे गोला-शाहजहांपुर मार्ग पर सैंकड़ों वाहन फंस गए। करीब दो घंटे जाम से यात्री बेहाल रहे। ग्रामीणों ने एसडीएम सुल्तान अशरफ सिद्दीकी की बात भी नहीं सुनी। मामला तभी सुलझा जब पुलिस रिपोर्ट लिखने को तैयार हुई। उधर भंगेली के प्रधान पुत्र कौशल किशोर वाजपेयी का कहना है कि वह गांव वालों की मदद में आए थे पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ज्ञान सिंह, गुरवंत सिंह और सुखविंदर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।