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युवक की दिनदहाड़े भाला मारकर हत्या

Sun, 03 Apr 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो सिकंद्राबाद/भूपतिपुर (खीरी)
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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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- दीवार में दरवाजा खोलने को लेकर हुआ था विवाद
- दो दिन पहले भी चौकी में पहुंचा था मामला
- तहरीर पर भी पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
- एक हत्यारोपी के खिलाफ मुकदमा, आरोपी फरार
नीमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बैबहा में दीवार तोड़कर दरवाजा बनाने के विवाद में शनिवार की सुबह एक ही परिवार के दो पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। देखते ही देखते आरोपी ने युवक के पेट में भाला मार दिया, जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। रिश्ते के चाचा भतीजे हैं,
खास बात यह है कि इस विवाद की तहरीर दो दिन पहले ही सिकंद्राबाद चौकी के एक सिपाही को दी गई थी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे विवाद की सुलगती चिंगारी शनिवार को शोला बन गई और एक की जान चली गई। हालांकि चौकी इंचार्ज सूर्यमणि यादव का कहना है कि सिपाही ने उन्हें कोई शिकायती पत्र नहीं दिया था। उधर, यह जानकारी मौका मुआयना के समय एएसपी अष्टभुजा प्रसाद सिंह को लगी तो उन्होंने इसकी जांच सीओ को सौंप दी है। इस बाबत एसओ बृजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी फरार है।
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गांव बैबहा निवासी 32 वर्षीय रामगोपाल राठौर का बिरादरी के ही नंदलाल की दीवार में दरवाजा खोलने को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार की शाम गांव में पंचायत कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था। समझौते के अनुसार शनिवार की सुबह रामगोपाल ने अपनी नींव खोदकर दीवार उठानी चाही, जिसका विरोध करते हुए नंदलाल ने दीवार उठाने से मना किया। क्योंकि नंदलाल रामगोपाल के सहन में दरवाजा खोलना चाहता था। इसके बाद सुबह सात बजे दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया, फिर नंदलाल अपने घर से भाला निकाल लाया और रामगोपाल के पेट में भाला मार दिया। इससे रामगोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की भनक लगते ही ग्राम प्रधान रविकांत दीक्षित और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंचे गई, लेकिन तब तक मौका पाकर आरोपी फरार हो चुका था। मृतक के पिता बालकराम ने नंदलाल के विरुद्ध हत्या की तहरीर पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

चौकी पुलिस संजीदा होती तो न होता मर्डर
दो दिन पहले ही पुलिस को दी गई थी झगड़े की तहरीर
एएसपी ने सौंपी सीओ मितौली को जांच
चौकी पुलिस संजीदा होती तो गांव बैबहा निवासी रामगोपाल की भाला मारकर हत्या की वारदात न होती। इसका खुलासा उस समय हुआ जब एएसपी एपी सिंह ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की। पीड़ित परिवार से बातचीत की तो चौकी के पुलिसकर्मी भी सवालों के घेरे में आ गए। मृतक के भाई मुरारी लाल ने बताया है कि झगड़ा कई दिनों से चल रहा था। बृहस्पतिवार की शाम को सिकंद्राबाद चौकी पर पुलिस को तहरीर दी थी। तो पुलिस ने सुबह आने की बात कही थी, लेकिन शनिवार की सुबह तक कोई पुलिसकर्मी शिकायत की जांच करने नहीं पहुंचा। इस पर प्रभारी एसपी ने चौकी प्रभारी सूर्यमणि यादव को फटकार लगाते हुए ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम पूछे, जिन्हें यह तहरीर दी गई थी। हालांकि चौकी इंचार्ज तहरीर मिलने की बात से इनकार कर रहे हैं और कहते हैं कि गुरुवार को वह सरकारी कार्य से जिले से बाहर थे। उधर, एएसपी ने चौकी तक शिकायत पहुंचने के बाद भी मामले को गंभीरता से न लिए जाने को अत्यंत गंभीर बताया है। साथ ही मामले की जांच सीओ मितौली मिथलेश कुमारी को सौंप दी है। एएसपी ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

मजदूरी पेशा रामगोपाल के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक रामगोपाल मजदूरी कर के अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी हत्या से पत्नी और दो छोटे मासूम बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी और 10 वर्षीय पुत्री पूजा और छह वर्षीय पुत्र सूरज है। 
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हत्यारोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाह पुलिसकर्मियों की जांच सीओ मितौली से कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 
- अष्टभुजा प्रसाद सिंह, एएसपी
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