भीरा थाना के गांव सेमरिया में मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे तालाब की खोदाई में लगे 50 वर्षीय मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी भी उसी तालाब में काम करने के बहाने आए थे। सुबह वारदात के समय तालाब में करीब 100 से ज्यादा मजदूर और गांव वाले मौके पर मौजूद थे।
वारदात के दौरान साथी मजदूरों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन पर भी तमंचा तान दिया। इसके बाद भीड़ के पीछे हटते ही हत्यारोपी आराम से टहलते हुए चले गए। सीओ गोला एसी श्रीवास्तव और एसओ ब्रजराज सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों के बयान लिए हैं। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सेमरिया गांव में मनरेगा के तहत ककरहिया नामक तालाब की खोदाई का काम चल रहा था। इसमें ग्राम सभा के मजरा गौरिया, सेमरिया, बहादुनगर के करीब 100 मजदूर काम कर रहे थे। इन्हीं मजदूरों में सेमरिया गांव के 50 वर्षीय सोबरन लाल के अलावा गांव के ही तीन सगे भाई राकेश यादव, सुखविंदर यादव उर्फ गुड्डू और कौशल भी शामिल थे। राकेश और सोबरन के बीच करीब सात साल पहले के दो लाख रुपये के लेनदेन का विवाद हुआ था। मंगलवार को सोबरन तालाब में खोदाई कर रहा था, कुछ ही दूरी पर सुखविंदर यादव उर्फ गुड्डू और उनका भाई राकेश भी काम कर रहा था, जबकि तीसरा भाई कौशल तालाब के किनारे दूर खड़ा हुुुआ था। इस बीच राकेश टहलते हुए अपने भाई के पास आया फिर दोनों लोग सोबरन के पास पहुंच गए। साथ में काम कर रहे मजदूर मनीराम ने बताया कि राकेश ने गुड्डू से कहा कि मार दो गोली, अब किसका इंतजार कर रहा है।
इतना सुनते ही सोबरन अपनी जान बचाने के लिए तालाब से बाहर भागा, तभी बाहर बैठे तीसरे भाई कौशल ने उसे पकड़ कर गिरा दिया। माजरा समझते ही अन्य मजदूरों ने सोबरन को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें तमंचा दिखाकर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। फिर सबके सामने ही आरोपियों ने सोबरन के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी, जिसके बाद तीनों आराम से टहलते हुए चले गए।
हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन का विवाद वजह बताई जा रही है। हत्या कि सूचना पाकर एसओ ब्रजराज यादव मौके पर पहुंचे और पूरी जानकारी आला अफसरों को देकर शव को कब्जे में ले लिया। सीओ गोला अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के निर्देश पर तीन पुलिस टीम बनाकर हत्यारोपियों की तलाश में भेजी गई हैं। देरशाम तक पुलिस हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो सकी थी।