नीमगांव क्षेत्र के गांव पैला में प्रतिबंधित पशुओं की हत्या को लेकर शनिवार को भी तनाव रहा। नाराज महिलाएं गांव की सुरक्षा के लिए तैनात सिपाहियों से भिड़ गईं और उन्हें दौड़ा लिया। महिलाओं का कहना था कि पुलिस लीपापोती में जुटी है। इससे घटना में शामिल अन्य आरोपी नहीं पकड़े जा रहे हैं। प्रतिबंधित पशुओं के पोस्टमार्टम को लेकर भी गांव में काफी आक्रोश है।
सुबह गांव के दक्षिण दिशा में स्थित मंदिर के पास इकट्ठा होकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया और एसओ नीमगांव परशुराम ओझा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की। इसके बाद महिलाएं गांव में तैनात सिपाहियों के पास पहुंचीं। सिपाही गांव के ही एक व्यक्ति के घर के बाहर छप्पर में बैठे थे। महिलाएं सिपाहियों से भिड़ गईं। महिलाओं को नाराजगी देख सिपाही धीरे से वहां से खिसक लिए। वहीं एसओ परशुराम ओझा का कहना है कि सिपाहियों को दौड़ाने जैसी कोई बात नहीं है। भाजपा नेता मंगूलाल गांव पहुंचे थे और पुलिस से कार्रवाई की बात कर रहे थे। गांव में पुलिस फोर्स तैनात है लेकिन अब माहौल शांत है।
भाजपा और जयगुरुदेव संगत कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
प्रतिबंधित पशुओं की हत्या के विरोध में भाजपा मंडल अध्यक्ष मंगूलाल मौर्य और जयगुरुदेव संगत के ब्लॉक संगठन मंत्री धर्मेंद्र्र राठौर के साथ तमाम कार्यकर्ताओं ने गांव में प्रदर्शन किया और फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी, एसओ को निलंबित करने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन पैला गांव तक ही सीमित रहा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, चालान भेजा
लखीमपुर खीरी। नीमगांव क्षेत्र के पैला गांव में प्रतिबंधित पशुओं की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें करीम, मुजीम और मुमताज शामिल हैं। पुलिस ने गोवध अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर तीनों का चालान भेज दिया है। सिकंद्राबाद के चौकी इंचार्ज एएल सरोज का कहना है कि तीनों आरोपी घटनास्थल के पड़ोस वाले खेत से पकड़े गए हैं।
बाइक और अन्य आरोपियों के मिले सुराग
सिकंद्राबाद। पुलिस के मुताबिक प्रतिबंधित पशुओं की हत्या के मामले में घटनास्थल से बरामद की गई बाइक का सुराग मिल गया है। वहीं मामले में छह लोगों की पहचान कर ली गई है। विवेचक एएल सरोज ने बताया कि बरामद बाइक रायपुर गांव निवासी मतीन की है।